कोलकाता, एक अक्टूबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को रेजीनगर मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं से अपना वोट बर्बाद नहीं करने की अपील की और विश्वास जताया कि उपचुनाव में वे ‘‘भाजपा सरकार के साथ खड़े होंगे।’’
शुभेंदु ने जोरदार तरीके से विकास का मुद्दा उठाया। उन्होंने वादा किया कि अगर भाजपा जीतती है, तो वे इस विधानसभा सीट को एक ‘मॉडल सीट’ बना देंगे। भाजपा उम्मीदवार सखाराव सरकार के लिए प्रचार करते हुए उन्होंने विकास को अपने अभियान का मुख्य मुद्दा बनाने की कोशिश की।
उन्होंने कई वादे किए, जिनमें पलायन की समस्या से निपटना, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा सुविधाओं का विस्तार करना और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना शामिल है। शुभेंदु ने क्षेत्र के लोगों को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा क्षेत्र में नेताजी सुभाष सेवा केंद्र स्थापित करने का वादा किया और उन्हें आश्वासन दिया कि वह रेजीनगर को नंदीग्राम और भवानीपुर के समान महत्व देंगे तथा इसके विकास की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘रेजीनगर में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विभाजन पैदा न करें।
सत्तर बनाम 30 प्रतिशत की बात न करें। सभी राष्ट्रवादी लोगों को एकजुट होकर सरकार के पक्ष में मतदान करना चाहिए।’’
रेजीनगर उपचुनाव में हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी), भाजपा, तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट (ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट), कांग्रेस तथा माकपा के बीच छह-तरफा मुकाबला है। पिछले महीने, शुभेंदु ने नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों को अल्पसंख्यकों के लिए एक राजनीतिक ‘‘परीक्षा’’ बताया था, जिसमें वे यह तय करेंगे कि क्या समुदाय के मतदाता ‘‘सरकार और मुख्यमंत्री के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस उपचुनाव में रेजीनगर (भाजपा) सरकार के साथ खड़ा रहेगा।
मुझे भरोसा है कि भाजपा उम्मीदवार की जीत होगी।’’
मुख्यमंत्री ने भाजपा उम्मीदवार सखाराव सरकार के लिए प्रचार करते हुए कहा, ‘‘इस बार रेजीनगर में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण काम नहीं करेगा। जिन अल्पसंख्यकों ने इतने वर्षों तक भाजपा को वोट नहीं दिया, उन्होंने कहा है कि वे इस चुनाव में अपने वोट बर्बाद नहीं करेंगे।’’
रेजीनगर उपचुनाव में छह पार्टियों के बीच मुकाबला होने वाला है। इनमें हुमायूं कबीर की अगुवाई वाली आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी), भाजपा, तृणमूल कांग्रेस का ममता बनर्जी गुट, पार्टी का ऋतब्रत बनर्जी नीत बागी गुट, कांग्रेस और माकपा शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हिंदू-मुस्लिम राजनीति की कोई जरूरत नहीं है। सभी राष्ट्रवादी ताकतों को भाजपा और (पार्टी की) सरकार को वोट देना चाहिए।’’
शुभेंदु ने तृणमूल में हुई टूट को लेकर भी पार्टी पर निशाना साधा और कहा, ‘‘सिर्फ चार महीने बीते हैं और तृणमूल पार्टी — उसका नाम और चुनाव चिह्न — दोनों ही गायब हो गए हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल में टूट और उसकी ‘‘बर्बादी’’ पश्चिम बंगाल में उसके 15 साल के शासनकाल के दौरान किए गए ‘‘गुनाहों’’ का नतीजा है
उन्होंने कबीर पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत हमलों का रूप नहीं लेना चाहिए। कबीर ने पूर्व में कहा था कि वह शुभेंदु अधिकारी के ‘‘दुनिया से चले जाने’’ के लिए (ईश्वर से) फरियाद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने सवाल किया, ‘‘राजनीति में मतभेद, बहस, नीतिगत चर्चा और आलोचना तो होती ही है। लेकिन हर शुक्रवार मेरी मौत के लिए दुआ मांगी जा रही है। यह कैसी राजनीति है?’’
हाल ही में मुर्शिदाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए कबीर ने कहा था कि वह (शुभेंदु) अधिकारी के दुनिया से जल्द चले जाने की दुआ करेंगे।
उन्होंने उन राजनीतिक नेताओं का जिक्र किया, जिनकी हत्या या दुर्घटना में मौत हो गई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि (शुभेंदु) अधिकारी मुख्यमंत्री के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा करें और आगे चलकर प्रधानमंत्री बनें।

