11 महीने बाद पटना पहुंचीं रोहिणी आचार्य:पिता लालू के पैर छुए, मां राबड़ी को गले लगाया; कहा- पापा ने बुलाया तो मिलने आई

11 महीने बाद पटना पहुंचीं रोहिणी आचार्य:पिता लालू के पैर छुए, मां राबड़ी को गले लगाया; कहा- पापा ने बुलाया तो मिलने आई

लालू यादव की छोटी बेटी रोहिणी आचार्य 11 महीने बाद पटना पहुंची हैं। रोहिणी को रिसीव करने एयरपोर्ट पर लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती भी पहुंचीं थीं। रोहिणी ने पिता लालू के पैर छुए, मां के गले लगाया। इसके बाद परिवार के साथ रोहिणी कौटिल्य नगर स्थित आवास निकल गईं। रोहिणी आचार्य ने कहा, बहुत दिनों बाद पटना पहुंची हूं, इसे आपलोग राजनीतिक रंग मत दीजिए। पापा ने बुलाया था, उनसे मिलने के लिए आई हूं। पार्टी के नेताओं से मिलने वाली बात पर उन्होंने कहा कि देखिए कई भाई लोग मुझे रिसीव करने के लिए आए हुए हैं। भाई और परिवार से नारागजी दूर होने के इस सवाल पर रोहिणी ने कुछ नहीं कहा। रोहिणी नवंबर 2025 में हुए पारिवारिक विवाद के बाद पटना से चली गई थीं। उस समय उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने की बात कही थी। 15 नवंबर 2025 की रात रोहिणी आचार्य ने राबड़ी आवास छोड़ दिया था। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि उनका कोई परिवार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें परिवार से निकाल दिया गया है। रोहिणी ने कहा था कि पूरी दुनिया सवाल कर रही थी कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ, लेकिन जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं था। तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा था कि सवाल तेजस्वी यादव से पूछा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया था कि सवाल पूछने पर गाली दी जाती थी और चप्पल से मारने के लिए उठाई गई थी। इसके बाद रोहिणी ने X पर पोस्ट कर राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान किया था। उन्होंने लिखा था कि संजय यादव और रमीज ने उनसे ऐसा करने को कहा था और वह सारा दोष अपने ऊपर ले रही थीं। संजय यादव और रमीज को लेकर लगाए थे आरोप रोहिणी ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया था कि संजय यादव और रमीज पार्टी के फैसलों में अहम भूमिका निभाते थे। संजय यादव उस समय राज्यसभा सांसद और तेजस्वी यादव के रणनीतिक सलाहकार थे। संजय यादव को लेकर हुए विवाद के बाद रोहिणी ने सितंबर 2025 में सोशल मीडिया पर RJD और परिवार के कई सदस्यों को अनफॉलो कर दिया था। कहा था- ‘मुझे अनाथ बनाया गया’ विवाद के बाद किए गए एक भावुक पोस्ट में रोहिणी ने कहा था कि उनसे उनका मायका छुड़वा दिया गया और उन्हें अनाथ बना दिया गया। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने रोते हुए घर छोड़ा था और उन्हें मारने के लिए चप्पल उठाई गई थी। रोहिणी ने कहा था कि उन्होंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। उन्होंने बेटियों और बहनों से अपील की थी कि वे उनके रास्ते पर न चलें। किडनी को लेकर भी कही थी यह बात रोहिणी ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया था कि विवाद के दौरान उन्हें गालियां दी गईं और कहा गया कि उन्होंने अपने पिता लालू यादव को अपनी ‘गंदी किडनी’ लगवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनसे कहा गया था कि उन्होंने करोड़ों रुपए और टिकट लेने के लिए किडनी दी। रोहिणी ने लिखा था कि उन्होंने अपने पिता को बचाने के लिए किडनी दान करने का फैसला लिया था। उन्होंने कहा था कि किडनी दान करते समय उन्होंने अपने पति, ससुराल या अपने तीनों बच्चों की परवाह नहीं की और पिता को बचाने के लिए यह फैसला लिया था। विवाद के बाद लालू रूटीन चेकअप के लिए सिंगापुर गए थे। नवंबर 2025 में पारिवारिक विवाद के कुछ समय बाद लालू यादव सिंगापुर गए थे। वे वहां अपनी किडनी ट्रांसप्लांट के बाद होने वाले रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए गए थे। सिंगापुर में डॉक्टरों ने उनका स्वास्थ्य और किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ी स्थिति की जांच की थी। लालू यादव का किडनी ट्रांसप्लांट दिसंबर 2022 में सिंगापुर में ही हुआ था। उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने उन्हें अपनी किडनी डोनेट की थी। लालू यादव की छोटी बेटी रोहिणी आचार्य 11 महीने बाद पटना पहुंची हैं। रोहिणी को रिसीव करने एयरपोर्ट पर लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती भी पहुंचीं थीं। रोहिणी ने पिता लालू के पैर छुए, मां के गले लगाया। इसके बाद परिवार के साथ रोहिणी कौटिल्य नगर स्थित आवास निकल गईं। रोहिणी आचार्य ने कहा, बहुत दिनों बाद पटना पहुंची हूं, इसे आपलोग राजनीतिक रंग मत दीजिए। पापा ने बुलाया था, उनसे मिलने के लिए आई हूं। पार्टी के नेताओं से मिलने वाली बात पर उन्होंने कहा कि देखिए कई भाई लोग मुझे रिसीव करने के लिए आए हुए हैं। भाई और परिवार से नारागजी दूर होने के इस सवाल पर रोहिणी ने कुछ नहीं कहा। रोहिणी नवंबर 2025 में हुए पारिवारिक विवाद के बाद पटना से चली गई थीं। उस समय उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने की बात कही थी। 15 नवंबर 2025 की रात रोहिणी आचार्य ने राबड़ी आवास छोड़ दिया था। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि उनका कोई परिवार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें परिवार से निकाल दिया गया है। रोहिणी ने कहा था कि पूरी दुनिया सवाल कर रही थी कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ, लेकिन जिम्मेदारी लेने को कोई तैयार नहीं था। तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा था कि सवाल तेजस्वी यादव से पूछा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया था कि सवाल पूछने पर गाली दी जाती थी और चप्पल से मारने के लिए उठाई गई थी। इसके बाद रोहिणी ने X पर पोस्ट कर राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान किया था। उन्होंने लिखा था कि संजय यादव और रमीज ने उनसे ऐसा करने को कहा था और वह सारा दोष अपने ऊपर ले रही थीं। संजय यादव और रमीज को लेकर लगाए थे आरोप रोहिणी ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया था कि संजय यादव और रमीज पार्टी के फैसलों में अहम भूमिका निभाते थे। संजय यादव उस समय राज्यसभा सांसद और तेजस्वी यादव के रणनीतिक सलाहकार थे। संजय यादव को लेकर हुए विवाद के बाद रोहिणी ने सितंबर 2025 में सोशल मीडिया पर RJD और परिवार के कई सदस्यों को अनफॉलो कर दिया था। कहा था- ‘मुझे अनाथ बनाया गया’ विवाद के बाद किए गए एक भावुक पोस्ट में रोहिणी ने कहा था कि उनसे उनका मायका छुड़वा दिया गया और उन्हें अनाथ बना दिया गया। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने रोते हुए घर छोड़ा था और उन्हें मारने के लिए चप्पल उठाई गई थी। रोहिणी ने कहा था कि उन्होंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। उन्होंने बेटियों और बहनों से अपील की थी कि वे उनके रास्ते पर न चलें। किडनी को लेकर भी कही थी यह बात रोहिणी ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया था कि विवाद के दौरान उन्हें गालियां दी गईं और कहा गया कि उन्होंने अपने पिता लालू यादव को अपनी ‘गंदी किडनी’ लगवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनसे कहा गया था कि उन्होंने करोड़ों रुपए और टिकट लेने के लिए किडनी दी। रोहिणी ने लिखा था कि उन्होंने अपने पिता को बचाने के लिए किडनी दान करने का फैसला लिया था। उन्होंने कहा था कि किडनी दान करते समय उन्होंने अपने पति, ससुराल या अपने तीनों बच्चों की परवाह नहीं की और पिता को बचाने के लिए यह फैसला लिया था। विवाद के बाद लालू रूटीन चेकअप के लिए सिंगापुर गए थे। नवंबर 2025 में पारिवारिक विवाद के कुछ समय बाद लालू यादव सिंगापुर गए थे। वे वहां अपनी किडनी ट्रांसप्लांट के बाद होने वाले रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए गए थे। सिंगापुर में डॉक्टरों ने उनका स्वास्थ्य और किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ी स्थिति की जांच की थी। लालू यादव का किडनी ट्रांसप्लांट दिसंबर 2022 में सिंगापुर में ही हुआ था। उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने उन्हें अपनी किडनी डोनेट की थी।  

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