Rahul Gandhi Balaghat Visit: आदिवासी बच्चों की मौत पर पीड़ितों से मिलेंगे राहुल गांधी, BJP पर साधा निशाना

Rahul Gandhi Balaghat Visit: आदिवासी बच्चों की मौत पर पीड़ितों से मिलेंगे राहुल गांधी, BJP पर साधा निशाना

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मध्य प्रदेश के बालाघाट का दौरा कर रहे हैं। वे उन आदिवासी परिवारों से मिलेंगे जिनके बच्चों की हाल ही में बीमारी, कुपोषण और खराब स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण मौत हो गई थी। गांधी ने X पर अपने दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि मैं आज बालाघाट आ रहा हूँ। उन आदिवासी परिवारों से मिलने, जिन्होंने बीमारी और BJP सरकार की लापरवाही के कारण अपने मासूम बच्चों को खो दिया है। उनके साथ समय बिताकर मैं उन्हें यह बताना चाहता हूँ कि वे इस दुख में अकेले नहीं हैं—मैं उनके साथ हूँ।

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उन्होंने केन-बेतवा प्रोजेक्ट से प्रभावित आदिवासी परिवारों से जुड़े मुद्दों पर भी बात की और आरोप लगाया कि गांवों को बिना सही पुनर्वास या मुआवज़े के ही डुबोया जा रहा है। गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले मैं केन-बेतवा आंदोलन से जुड़े आदिवासी भाई-बहनों से भी मिला था। आज इस प्रोजेक्ट की वजह से उनके गांव डूब रहे हैं, लेकिन सरकार से उन्हें न तो पुनर्वास मिला और न ही मुआवज़ा—उन्हें सिर्फ़ उत्पीड़न, सरकारी दमन और हिंसा का सामना करना पड़ा है।

इंदौर में अपने हालिया “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के दौरान आदिवासी छात्रों की चिंताओं का ज़िक्र करते हुए, गांधी ने शिक्षण संस्थानों, हॉस्टलों और खाने-पीने की सुविधाओं में कमियों, परीक्षा में गड़बड़ियों और आरक्षण के अधिकारों से जुड़े मुद्दों की बात की। उन्होंने इन समस्याओं के लिए आदिवासी समुदायों के प्रति बीजेपी-आरएसएस की सोच को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने आदिवासी आबादी को भरोसा दिलाया, “मैं हर संघर्ष में आपके साथ खड़ा हूँ—आपकी आवाज़ को बुलंद करना मेरी ज़िम्मेदारी है, और मैं इस बहरी सरकार को पूरी ताक़त के साथ यह आवाज़ सुनाऊँगा।”

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गांधी का यह दौरा बालाघाट में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की कथित मौतों को लेकर हुए राजनीतिक विवाद के बाद हो रहा है। मरने वालों की सही संख्या और मेडिकल कारणों को लेकर सरकारी अनुमान अलग-अलग रहे हैं। केंद्र की अगुवाई में हुई जांच में किसी एक कारण के बजाय कई स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान की गई, जिनमें खसरा, मलेरिया, एक साथ कई संक्रमण (co-infections), सांस लेने में तकलीफ़, डिहाइड्रेशन, कुपोषण, एनीमिया और शॉक शामिल हैं।
 

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