पटना में फैले डेंगू के मच्छरों की कहानी:4 आदमी का खून पीती, कोहनी-घुटनों पर डंक मारती है:एक बार में 200 अंडे, लाइफ स्पैन 15 दिन

पटना में फैले डेंगू के मच्छरों की कहानी:4 आदमी का खून पीती, कोहनी-घुटनों पर डंक मारती है:एक बार में 200 अंडे, लाइफ स्पैन 15 दिन

पटना में डेंगू का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इस साल अब तक 326 पीड़ित मिले हैं। सिर्फ सितंबर में 159 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। अगस्त में 97 मरीज मिले थे। अगस्त की तुलना में सितंबर में करीब 56% अधिक मरीज मिले हैं। डेंगू का संक्रमण किस मच्छर के काटने से होता है? यह इंसान को कब और कहां काटता है? बचने के क्या उपाय हैं? आइए 10 पॉइंट में जानते हैं..। 1- किस मच्छर के चलते इंसान को डेंगू होता है? अमेरिकी सरकारी वेबसाइट नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार डेंगू एक वायरल संक्रमण है। यह डेंगू वायरस (DENV) के कारण होता है, जो संक्रमित एडीज इजिप्टी मच्छरों के काटने से इंसानों में फैलता है। इसे आमतौर पर ‘येलो फीवर मच्छर’ कहा जाता है। यह मच्छर डेंगू के साथ ही चिकनगुनिया, जीका और पीला बुखार फैलाने के लिए भी जिम्मेदार है। आनुवांशिक अध्ययनों के अनुसार, एडीज इजिप्टी की उत्पत्ति उप-सहारा अफ्रीका के जंगलों में हुई थी। इसके पूर्वज मुख्य रूप से जंगली जानवरों का खून चूसते थे और पेड़ों के कोटरों में अंडे देते थे। करीब 4 से 5 हजार साल पहले सहारा क्षेत्र में सूखा पड़ने के चलते ये मच्छर इंसानी बस्तियों में गए। इंसानों द्वारा जमा किए गए मीठे पानी में प्रजनन करने लगे। इंसानों का खून पीने के आदी हो गए। ट्रांस-अटलांटिक दास व्यापार के दौरान ये मच्छर जहाजों पर रखे पानी के बर्तनों के जरिए अफ्रीका से निकलकर अमेरिका पहुंचे। 18वीं और 19वीं सदी में जहाजों के बढ़ते व्यापार और स्वेज नहर खुलने के बाद ये एशिया और प्रशांत महासागर के द्वीपों में फैल गए। इसी क्रम में भारत में पहुंचे। 2- डेंगू के मच्छर को कैसे पहचानें? एडीज इजिप्टी मध्यम आकार का (4 से 7 मिमी) गहरा काला या भूरा मच्छर है। इसकी पीठ पर सफेद शल्कों से बना एक वीणा जैसा आकार होता है। साथ ही बीच में दो समानांतर सफेद रेखाएं होती हैं। पैरों के जोड़ों पर चमकीले सफेद रंग के छल्ले या धारियां होती हैं। एडीज इजिप्टी प्रजाति की मादा मच्छर ही इंसानों का खून पीती है। यह एक बार में चार लोगों का ब्लड पी सकती है। इसकी गहरे काले रंग की सूंड इंसान की स्किन को भेदकर खून चूसने के लिए बनी है। इसके एंटीना पर कम बाल होते हैं। नर मच्छर में घने ब्रश जैसे एंटीना होते हैं। नर मच्छर इंसानों का खून नहीं पीते। 3- कितने दिन जिंदा रहती है एडीज एजिप्टी मच्छर? यू.एस. सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की रिपोर्ट के अनुसार वयस्क एडीज एजिप्टी मच्छर की औसत उम्र दो से तीन सप्ताह होती है। सही हालात मिलने पर मादा मच्छर एक महीने या उससे ज्यादा समय तक जीवित रह सकती है। 4- कब और कहां काटते हैं डेंगू के मच्छर? डेंगू के मच्छर रात की जगह दिन में ज्यादा एक्टिव रहते हैं। ये सुबह सूर्य निकलने के दो घंटे बाद और शाम को सूर्यास्त से कुछ घंटे पहले ज्यादा काटते हैं। ये मच्छर इंसानों के पैरों, टखनों और कोहनियों पर पीछे से काटते हैं ताकि मारे जाने से बच जाएं। 5. एडीज एजिप्टी मच्छर से कैसे फैलता है डेंगू? एडीज एजिप्टी मच्छर जब डेंगू से संक्रमित व्यक्ति का खून पीती है तो वायरस उसकी आंत में पहुंच जाते हैं। ये उसके शरीर में अपनी संख्या बढ़ाते हैं फिर लार ग्रंथियों सहित शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलते हैं। संक्रमित मच्छर जब दूसरे इंसान को काटती है तो उसकी लार के रास्ते डेंगू के वायरस इंसान के शरीर में पहुंच जाते हैं। एडीज एजिप्टी मच्छर एक चक्र में कई लोगों को काट सकती है, जिसके चलते डेंगू का संक्रमण तेजी से फैलता है। मच्छर अपने सलाइवा का इस्तेमाल खून का थक्का जमने से रोकने में करती है। जब मच्छर खून चूसती है तो उसकी लार में मौजूद विशेष प्रोटीन इंसानी खून का थक्का नहीं जमने देते। इससे मच्छर बिना किसी बाधा के आसानी से खून चूसती है। उसकी लार में ऐसे जैविक तत्व होते हैं जो डंक मारने वाली जगह पर तुरंत होने वाले दर्द और सूजन को कुछ समय के लिए रोक देते हैं ताकि इंसान को मच्छर के काटने का तुरंत पता न चले। इंसान से मच्छर में संक्रमण तब हो सकता है जब बीमारी के लक्षण दिखने से 2 दिन पहले तक और बुखार ठीक होने के 2 दिन बाद तक मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटे। 6. क्या मच्छर के अलावा दूसरे जरिए से भी फैलता है डेंगू? WHO के अनुसार इंसानों में डेंगू फैलने का मुख्य जरिया मच्छर हैं। हालांकि, मां से बच्चे में संक्रमण फैलने (यानी गर्भवती मां से उसके बच्चे को) की संभावना के भी सबूत मिले हैं। इसका जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि गर्भावस्था के दौरान डेंगू का संक्रमण कब हुआ। जब गर्भवती मां को डेंगू का संक्रमण होता है तो बच्चे समय से पहले पैदा हो सकते हैं। उनका वजन कम हो सकता है। अंगदान और ब्लड ट्रांसफ्यूजन के जरिए वायरस के फैलने के बहुत कम मामले सामने आए हैं। 7. किन जगहों पर डेंगू के मच्छर पनपने का रिस्क ज्यादा है? घर के अंदर घर के बाहर 8. मच्छर भगाने के लिए क्या करें? 9. डेंगू हो जाए तो किन बातों का ध्यान रखें? 10. कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है? पटना में डेंगू का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इस साल अब तक 326 पीड़ित मिले हैं। सिर्फ सितंबर में 159 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। अगस्त में 97 मरीज मिले थे। अगस्त की तुलना में सितंबर में करीब 56% अधिक मरीज मिले हैं। डेंगू का संक्रमण किस मच्छर के काटने से होता है? यह इंसान को कब और कहां काटता है? बचने के क्या उपाय हैं? आइए 10 पॉइंट में जानते हैं..। 1- किस मच्छर के चलते इंसान को डेंगू होता है? अमेरिकी सरकारी वेबसाइट नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार डेंगू एक वायरल संक्रमण है। यह डेंगू वायरस (DENV) के कारण होता है, जो संक्रमित एडीज इजिप्टी मच्छरों के काटने से इंसानों में फैलता है। इसे आमतौर पर ‘येलो फीवर मच्छर’ कहा जाता है। यह मच्छर डेंगू के साथ ही चिकनगुनिया, जीका और पीला बुखार फैलाने के लिए भी जिम्मेदार है। आनुवांशिक अध्ययनों के अनुसार, एडीज इजिप्टी की उत्पत्ति उप-सहारा अफ्रीका के जंगलों में हुई थी। इसके पूर्वज मुख्य रूप से जंगली जानवरों का खून चूसते थे और पेड़ों के कोटरों में अंडे देते थे। करीब 4 से 5 हजार साल पहले सहारा क्षेत्र में सूखा पड़ने के चलते ये मच्छर इंसानी बस्तियों में गए। इंसानों द्वारा जमा किए गए मीठे पानी में प्रजनन करने लगे। इंसानों का खून पीने के आदी हो गए। ट्रांस-अटलांटिक दास व्यापार के दौरान ये मच्छर जहाजों पर रखे पानी के बर्तनों के जरिए अफ्रीका से निकलकर अमेरिका पहुंचे। 18वीं और 19वीं सदी में जहाजों के बढ़ते व्यापार और स्वेज नहर खुलने के बाद ये एशिया और प्रशांत महासागर के द्वीपों में फैल गए। इसी क्रम में भारत में पहुंचे। 2- डेंगू के मच्छर को कैसे पहचानें? एडीज इजिप्टी मध्यम आकार का (4 से 7 मिमी) गहरा काला या भूरा मच्छर है। इसकी पीठ पर सफेद शल्कों से बना एक वीणा जैसा आकार होता है। साथ ही बीच में दो समानांतर सफेद रेखाएं होती हैं। पैरों के जोड़ों पर चमकीले सफेद रंग के छल्ले या धारियां होती हैं। एडीज इजिप्टी प्रजाति की मादा मच्छर ही इंसानों का खून पीती है। यह एक बार में चार लोगों का ब्लड पी सकती है। इसकी गहरे काले रंग की सूंड इंसान की स्किन को भेदकर खून चूसने के लिए बनी है। इसके एंटीना पर कम बाल होते हैं। नर मच्छर में घने ब्रश जैसे एंटीना होते हैं। नर मच्छर इंसानों का खून नहीं पीते। 3- कितने दिन जिंदा रहती है एडीज एजिप्टी मच्छर? यू.एस. सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की रिपोर्ट के अनुसार वयस्क एडीज एजिप्टी मच्छर की औसत उम्र दो से तीन सप्ताह होती है। सही हालात मिलने पर मादा मच्छर एक महीने या उससे ज्यादा समय तक जीवित रह सकती है। 4- कब और कहां काटते हैं डेंगू के मच्छर? डेंगू के मच्छर रात की जगह दिन में ज्यादा एक्टिव रहते हैं। ये सुबह सूर्य निकलने के दो घंटे बाद और शाम को सूर्यास्त से कुछ घंटे पहले ज्यादा काटते हैं। ये मच्छर इंसानों के पैरों, टखनों और कोहनियों पर पीछे से काटते हैं ताकि मारे जाने से बच जाएं। 5. एडीज एजिप्टी मच्छर से कैसे फैलता है डेंगू? एडीज एजिप्टी मच्छर जब डेंगू से संक्रमित व्यक्ति का खून पीती है तो वायरस उसकी आंत में पहुंच जाते हैं। ये उसके शरीर में अपनी संख्या बढ़ाते हैं फिर लार ग्रंथियों सहित शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलते हैं। संक्रमित मच्छर जब दूसरे इंसान को काटती है तो उसकी लार के रास्ते डेंगू के वायरस इंसान के शरीर में पहुंच जाते हैं। एडीज एजिप्टी मच्छर एक चक्र में कई लोगों को काट सकती है, जिसके चलते डेंगू का संक्रमण तेजी से फैलता है। मच्छर अपने सलाइवा का इस्तेमाल खून का थक्का जमने से रोकने में करती है। जब मच्छर खून चूसती है तो उसकी लार में मौजूद विशेष प्रोटीन इंसानी खून का थक्का नहीं जमने देते। इससे मच्छर बिना किसी बाधा के आसानी से खून चूसती है। उसकी लार में ऐसे जैविक तत्व होते हैं जो डंक मारने वाली जगह पर तुरंत होने वाले दर्द और सूजन को कुछ समय के लिए रोक देते हैं ताकि इंसान को मच्छर के काटने का तुरंत पता न चले। इंसान से मच्छर में संक्रमण तब हो सकता है जब बीमारी के लक्षण दिखने से 2 दिन पहले तक और बुखार ठीक होने के 2 दिन बाद तक मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटे। 6. क्या मच्छर के अलावा दूसरे जरिए से भी फैलता है डेंगू? WHO के अनुसार इंसानों में डेंगू फैलने का मुख्य जरिया मच्छर हैं। हालांकि, मां से बच्चे में संक्रमण फैलने (यानी गर्भवती मां से उसके बच्चे को) की संभावना के भी सबूत मिले हैं। इसका जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि गर्भावस्था के दौरान डेंगू का संक्रमण कब हुआ। जब गर्भवती मां को डेंगू का संक्रमण होता है तो बच्चे समय से पहले पैदा हो सकते हैं। उनका वजन कम हो सकता है। अंगदान और ब्लड ट्रांसफ्यूजन के जरिए वायरस के फैलने के बहुत कम मामले सामने आए हैं। 7. किन जगहों पर डेंगू के मच्छर पनपने का रिस्क ज्यादा है? घर के अंदर घर के बाहर 8. मच्छर भगाने के लिए क्या करें? 9. डेंगू हो जाए तो किन बातों का ध्यान रखें? 10. कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *