हाईकोर्ट ने नाबालिग से जुड़े यौन-अपराध के आरोप किए रद्द:निचली अदालत का आदेश पलटा; धमकी का आधार नहीं मिला

हाईकोर्ट ने नाबालिग से जुड़े यौन-अपराध के आरोप किए रद्द:निचली अदालत का आदेश पलटा; धमकी का आधार नहीं मिला

राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग से जुड़े यौन अपराध मामले में निचली अदालत का आदेश रद्द कर दिया है। बेंच ने कहा- आरोप तय करने के लिए हर अपराध के शुरुआती सबूत जरूरी हैं, सामान्य बातों पर नहीं। मामला जैसलमेर के खुहड़ी थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 17/2026 का था। सेशन कोर्ट ने 22 जून 2026 को आरोपी पर कई धाराओं में आरोप तय किए थे। आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने नाबालिग के बयान देखे। उसने अपनी मर्जी से आरोपी के साथ अजमेर जाने की बात कही, धमकी या यौन संबंध से इनकार किया। वह आरोपी को आठ महीने से जानती थी। अदालत ने पाया कि पीछा करने, पॉक्सो या अपहरण के आरोपों के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे। निचली अदालत के आदेश में वजह साफ न होने से हाईकोर्ट ने 22 जून 2026 का आदेश रद्द कर आरोपी को बरी किया।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *