अयोध्या राजकीय मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में डॉक्टरों ने पहली बार तीन दिन के नवजात की सफल न्यूरो सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बच्चा जन्मजात गंभीर बीमारी मेनिंगोमायेलोसील से पीड़ित था, जिसमें नवजात की पीठ पर झिल्लीदार उभार होता है। इसमें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है, इसलिए डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला लिया। न्यूरोसर्जन डॉ. विक्रांत यादव ने बुधवार को बताया कि यह बीमारी जन्मजात होती है और यदि समय पर सर्जरी न की जाए तो संक्रमण, दिमाग में पानी भरना और पैरों में कमजोरी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए समय पर सर्जरी बेहद जरूरी है। नवजात को जन्म के एक दिन बाद ही बाल रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद न्यूरोसर्जन डॉ. विक्रांत यादव और उनकी टीम ने सफल सर्जरी की। इस दौरान एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. जेपी तिवारी और डॉ. खुशबू ने एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी संभाली। सर्जरी में डॉ. रोहित यादव, साधना सिस्टर, नर्सिंग स्टाफ और ओटी स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। सर्जरी पूरी तरह सफल रही। वर्तमान में बच्चा मां का दूध पी रहा है और उसके हाथ-पैर सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। बच्चे की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। डॉ. यादव ने गर्भवती महिलाओं को समय पर अल्ट्रासाउंड और संतुलित पोषण लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से अयोध्या मंडल के मरीजों को अब ऐसी जटिल सर्जरी के लिए लखनऊ या अन्य बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

