राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय-3 योजना के तहत संचालित उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य कार्यक्रम के अंतर्गत बांका जिले के सभी आदर्श विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सुधार सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण किया जा रहा है। बुधवार को जिला पदाधिकारी बांका अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर जिला स्तरीय पदाधिकारियों को विभिन्न आदर्श विद्यालयों का निरीक्षण करने के लिए नामित किया गया है। निर्देश के अनुसार नामित पदाधिकारी आवंटित आदर्श विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति तथा उपलब्ध शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। प्रत्येक सप्ताह विद्यालय में एक या अधिक कक्षाओं का स्वयं संचालन कर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का आकलन करने तथा पाठ्य-टीका, गृहकार्य एवं कक्षा-कक्ष की गतिविधियों की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया है। उपलब्ध डिजिटल संसाधनों के उपयोग की समीक्षा इसी क्रम में बुधवार को डीआरडीए निदेशक श्रीनिवास ने धौनी स्थित सरस्वती विद्या निकेतन राष्ट्रीय उच्च विद्यालय मॉडल स्कूल का निरीक्षण किया। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर किए गए निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, कक्षा-कक्ष में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों तथा पढ़ाई की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य राकेश रंजन सहित शिक्षकों से मॉडल स्कूल से संबंधित फीडबैक लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान विद्यालय में शिक्षकों की कमी पर भी चर्चा की गई। इसके बाद डीआरडीए निदेशक ने स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब सहित विद्यालय में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों के उपयोग की समीक्षा की। बच्चों की नियमित उपस्थिति को लेकर फीडबैक उन्होंने उपचारात्मक कक्षाओं के संचालन तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। विद्यार्थियों के गृहकार्य, पाठ्य-टीका और पढ़ाई की प्रगति की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों की नियमित उपस्थिति को लेकर फीडबैक लिया गया। निदेशक ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की। उन्होंने शिक्षकों को शैक्षणिक गतिविधियों में और अधिक सुधार लाने का निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण से ही शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण की व्यवस्था इसी कार्यक्रम के तहत जिला योजना पदाधिकारी, बांका द्वारा शंभूगंज प्रखंड स्थित एसएसएसके हाई स्कूल, कुरमाडीह तथा भूमि सुधार उपसमाहर्ता, बांका द्वारा आरएमके इंटर स्कूल, बांका का भी निरीक्षण किया गया। जिला प्रशासन द्वारा आदर्श विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण की व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय-3 योजना के तहत संचालित उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य कार्यक्रम के अंतर्गत बांका जिले के सभी आदर्श विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सुधार सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण किया जा रहा है। बुधवार को जिला पदाधिकारी बांका अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर जिला स्तरीय पदाधिकारियों को विभिन्न आदर्श विद्यालयों का निरीक्षण करने के लिए नामित किया गया है। निर्देश के अनुसार नामित पदाधिकारी आवंटित आदर्श विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति तथा उपलब्ध शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। प्रत्येक सप्ताह विद्यालय में एक या अधिक कक्षाओं का स्वयं संचालन कर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का आकलन करने तथा पाठ्य-टीका, गृहकार्य एवं कक्षा-कक्ष की गतिविधियों की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया है। उपलब्ध डिजिटल संसाधनों के उपयोग की समीक्षा इसी क्रम में बुधवार को डीआरडीए निदेशक श्रीनिवास ने धौनी स्थित सरस्वती विद्या निकेतन राष्ट्रीय उच्च विद्यालय मॉडल स्कूल का निरीक्षण किया। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर किए गए निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, कक्षा-कक्ष में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों तथा पढ़ाई की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य राकेश रंजन सहित शिक्षकों से मॉडल स्कूल से संबंधित फीडबैक लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान विद्यालय में शिक्षकों की कमी पर भी चर्चा की गई। इसके बाद डीआरडीए निदेशक ने स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब सहित विद्यालय में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों के उपयोग की समीक्षा की। बच्चों की नियमित उपस्थिति को लेकर फीडबैक उन्होंने उपचारात्मक कक्षाओं के संचालन तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। विद्यार्थियों के गृहकार्य, पाठ्य-टीका और पढ़ाई की प्रगति की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों की नियमित उपस्थिति को लेकर फीडबैक लिया गया। निदेशक ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की। उन्होंने शिक्षकों को शैक्षणिक गतिविधियों में और अधिक सुधार लाने का निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण से ही शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण की व्यवस्था इसी कार्यक्रम के तहत जिला योजना पदाधिकारी, बांका द्वारा शंभूगंज प्रखंड स्थित एसएसएसके हाई स्कूल, कुरमाडीह तथा भूमि सुधार उपसमाहर्ता, बांका द्वारा आरएमके इंटर स्कूल, बांका का भी निरीक्षण किया गया। जिला प्रशासन द्वारा आदर्श विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण की व्यवस्था की गई है।

