नवादा-‘टांड़ क्षेत्र में चयनित जमीन को बताया असुरक्षित’:कॉलेज भवन को दूर जमीन चुनने पर ग्रामीण नाराज, मड़रा-घोराही में निर्माण की मांग

नवादा-‘टांड़ क्षेत्र में चयनित जमीन को बताया असुरक्षित’:कॉलेज भवन को दूर जमीन चुनने पर ग्रामीण नाराज, मड़रा-घोराही में निर्माण की मांग

रोह डिग्री कॉलेज की जमीन पर विवाद, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी टांड़ क्षेत्र में चयनित जमीन को बताया असुरक्षित, मड़रा या घोराही में निर्माण की मांग
नवादा के रोह में राजकीय डिग्री महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए प्रखंड मुख्यालय से दूर सम्हरीगढ़ पंचायत के टांड़ क्षेत्र में जमीन चयन किए जाने को लेकर ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों में नाराजगी है। बुधवार को वीरू कुआं परिसर में हुई बैठक में लोगों ने चयनित स्थल को सुरक्षा और आवागमन की दृष्टि से अनुपयुक्त बताते हुए भूमि चयन पर पुनर्विचार की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। टांटी नदी के किनारे चयनित है करीब पांच एकड़ जमीन ग्रामीणों के अनुसार सम्हरीगढ़ पंचायत के खाता संख्या 869, खेसरा संख्या 163 की करीब पांच एकड़ जमीन कॉलेज भवन के लिए चयनित की गई है। इसके पश्चिम में टांटी नदी है और आसपास का इलाका निर्जन बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि वर्तमान में वहां पहुंचने के लिए समुचित रास्ता भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं, खासकर छात्राओं की सुरक्षा और नियमित आवागमन को लेकर चिंता बनी रहेगी। मड़रा की 9.96 एकड़ जमीन को बताया बेहतर विकल्प बैठक में ग्रामीणों ने मड़रा गांव के पास उपलब्ध जमीन को कॉलेज निर्माण के लिए बेहतर विकल्प बताया। उनके अनुसार खाता संख्या 27, प्लॉट संख्या 670 में करीब 9.96 एकड़ जमीन उपलब्ध है। यह जमीन रोह और मड़रा के बीच स्थित है और आवागमन की दृष्टि से उपयुक्त बताई जा रही है। ग्रामीणों ने दावा किया कि जमीन से जुड़े वंशज भी कॉलेज निर्माण के लिए आवश्यक सहयोग और अनापत्ति देने को तैयार हैं। घोराही में बने मॉडल स्कूल भवन के इस्तेमाल का सुझाव ग्रामीणों ने घोराही गांव के पास बने मॉडल उच्च विद्यालय के भवन और आसपास की सरकारी जमीन को भी विकल्प के रूप में सुझाया। उनका कहना है कि भवन में कमरे, कार्यालय और शौचालय समेत कई सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन निर्माण के वर्षों बाद भी इसका उपयोग नहीं हो रहा है। मुख्य मार्ग से जुड़े इस परिसर में कॉलेज संचालित होने से छात्र-छात्राओं को आवागमन में सुविधा मिलने की बात कही गई। डीएम को आवेदन, 2 अक्टूबर को फिर जुटेंगे ग्रामीण ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से चयनित भूमि पर पुनर्विचार कर मड़रा या घोराही में कॉलेज भवन बनाने की मांग की है। इस संबंध में जिलाधिकारी को आवेदन भी दिया गया है। लोगों ने कहा कि यदि चयनित भूमि पर निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को रोह दुर्गा स्थान के पास ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्राचार्य रापा काश्यपेय ने की। मौके पर दुलारचंद साव, दीपक कुमार, रंजीत कुमार, पप्पू यादव, सुजीत साव, रविकांत गोयल, नैयर जमील, कैसर आजाद, विकास राठौर समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। रोह डिग्री कॉलेज की जमीन पर विवाद, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी टांड़ क्षेत्र में चयनित जमीन को बताया असुरक्षित, मड़रा या घोराही में निर्माण की मांग
नवादा के रोह में राजकीय डिग्री महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए प्रखंड मुख्यालय से दूर सम्हरीगढ़ पंचायत के टांड़ क्षेत्र में जमीन चयन किए जाने को लेकर ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों में नाराजगी है। बुधवार को वीरू कुआं परिसर में हुई बैठक में लोगों ने चयनित स्थल को सुरक्षा और आवागमन की दृष्टि से अनुपयुक्त बताते हुए भूमि चयन पर पुनर्विचार की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। टांटी नदी के किनारे चयनित है करीब पांच एकड़ जमीन ग्रामीणों के अनुसार सम्हरीगढ़ पंचायत के खाता संख्या 869, खेसरा संख्या 163 की करीब पांच एकड़ जमीन कॉलेज भवन के लिए चयनित की गई है। इसके पश्चिम में टांटी नदी है और आसपास का इलाका निर्जन बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि वर्तमान में वहां पहुंचने के लिए समुचित रास्ता भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं, खासकर छात्राओं की सुरक्षा और नियमित आवागमन को लेकर चिंता बनी रहेगी। मड़रा की 9.96 एकड़ जमीन को बताया बेहतर विकल्प बैठक में ग्रामीणों ने मड़रा गांव के पास उपलब्ध जमीन को कॉलेज निर्माण के लिए बेहतर विकल्प बताया। उनके अनुसार खाता संख्या 27, प्लॉट संख्या 670 में करीब 9.96 एकड़ जमीन उपलब्ध है। यह जमीन रोह और मड़रा के बीच स्थित है और आवागमन की दृष्टि से उपयुक्त बताई जा रही है। ग्रामीणों ने दावा किया कि जमीन से जुड़े वंशज भी कॉलेज निर्माण के लिए आवश्यक सहयोग और अनापत्ति देने को तैयार हैं। घोराही में बने मॉडल स्कूल भवन के इस्तेमाल का सुझाव ग्रामीणों ने घोराही गांव के पास बने मॉडल उच्च विद्यालय के भवन और आसपास की सरकारी जमीन को भी विकल्प के रूप में सुझाया। उनका कहना है कि भवन में कमरे, कार्यालय और शौचालय समेत कई सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन निर्माण के वर्षों बाद भी इसका उपयोग नहीं हो रहा है। मुख्य मार्ग से जुड़े इस परिसर में कॉलेज संचालित होने से छात्र-छात्राओं को आवागमन में सुविधा मिलने की बात कही गई। डीएम को आवेदन, 2 अक्टूबर को फिर जुटेंगे ग्रामीण ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से चयनित भूमि पर पुनर्विचार कर मड़रा या घोराही में कॉलेज भवन बनाने की मांग की है। इस संबंध में जिलाधिकारी को आवेदन भी दिया गया है। लोगों ने कहा कि यदि चयनित भूमि पर निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को रोह दुर्गा स्थान के पास ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्राचार्य रापा काश्यपेय ने की। मौके पर दुलारचंद साव, दीपक कुमार, रंजीत कुमार, पप्पू यादव, सुजीत साव, रविकांत गोयल, नैयर जमील, कैसर आजाद, विकास राठौर समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।  

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