सोनीपत के खरखौदा क्षेत्र में 10वीं की छात्रा को अकेला पाकर घर में घुसकर रेप करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) ने आरोपी को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की कोर्ट ने आरोपी को 20 साल की कैद और कुल 52 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की राशि में से 40 हजार रुपए पीड़िता को मुआवजे के तौर पर देने के आदेश दिए हैं। घर पर अकेली थी किशोरी, आरोपी ने दी धमकी पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां ने 4 फरवरी 2025 को खरखौदा थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि घर के पास एक दुकान पर काम करने वाला आरोपी नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच कई बार किशोरी को घर पर अकेला पाकर अंदर घुसता था। आरोप है कि वह जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ रेप करता था। मां के घर लौटने पर रो रही थी बेटी पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया था कि एक दिन जब वह घर लौटी तो उसकी बेटी रो रही थी। मां ने बेटी से रोने का कारण पूछा तो उसने पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद मां ने पुलिस को शिकायत दी और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। 6 फरवरी को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया शिकायत मिलने के बाद खरखौदा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने 6 फरवरी 2025 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पीड़िता के साथ घटना के दौरान वह 10वीं कक्षा में पढ़ रही थी। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी और मां ही बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। पोक्सो एक्ट में 20 साल की सजा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) में हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की कोर्ट ने आरोपी को पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी मानते हुए 20 वर्ष कैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) के तहत 2 साल की कैद और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा भी सुनाई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। 40 हजार रुपए पीड़िता को मिलेंगे
कोर्ट ने पीड़िता को हुए शारीरिक और मानसिक कष्ट को देखते हुए जुर्माने की राशि में से 40 हजार रुपए उसे मुआवजे के तौर पर देने के आदेश दिए हैं। आरोपी पर दोनों मामलों में कुल 52 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

