गोंडा साइबर थाना पुलिस ने APK फाइल भेजकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड दीपक सिंह तंवर को आज बुधवार देर शाम 4.30 बजे राजस्थान से गिरफ्तार किया।आरोपी पीड़ितों के मोबाइल फोन में मालवेयर भेजकर सारा नियंत्रण अपने हाथ में लेता था और फ्राड किए गए धन से फाइव स्टार होटलों तथा महंगे आभूषणों का आनंद उठाता था। पकड़े गए मास्टरमाइंड की पहचान सीकर राजस्थान निवासी दीपक सिंह तंवर के रूप में हुई है। आरोपी को गोंडा साइबर थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार करके गोंडा मेडिकल कॉलेज में मेडिकल परीक्षण कर कर न्यायालय में पेश किया गया जहां न्यायालय द्वारा आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बीते 19 अगस्त को भी कमल खड़का और करण सिंह शेखावत को भी इसी मामले में साइबर थाना ने जेल भेजा था। दरअसल नगर कोतवाली अंतर्गत आवास विकास कॉलोनी निवासी राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव के फोन में अज्ञात लिंक के जरिए एपीके एप्लीकेशन लोड करवा दी गई थी। इसके तुरंत बाद उनके बैंक खाते से 5.23 लाख रुपये उड़ा लिए गए। पीड़ित ने मामले की तहरीर पुलिस अधीक्षक को सौंपी, जिसके बाद साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर साइबर एक्सपर्ट मोहन यादव ने जांच शुरू की। फर्जी सिमों के जरिए डिजिटल बैंक खाते खोलता था पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पकड़े गए जालसाज ने खुलासा किया कि वह एपीके फ़ाइल और मालवेयर की मदद से फोन का डेटा चुराकर फर्जी सिमों के जरिए डिजिटल बैंक खाते खोलता था। ठगी की रकम सीधे इन खातों में जमा कराई जाती थी। फिर पकड़े जाने से बचने के लिए उस पैसे की फिक्स्ड डिपॉजिट कराकर उसी एवज में डिजिटल क्रेडिट कार्ड जारी करवा लिया जाता था। इस कार्ड से ‘मेक माई ट्रिप’ के जरिए पांच सितारा होटल, विमान टिकट, तनिष्क के गहने और सुख-सुविधाओं का सामान खरीदा जाता था। खरीदारी पूरी होते ही कार्ड बंद करने का आवेदन दे दिया जाता था, जिससे वित्तीय सुराग मिट जाएं। शातिर आरोपी अपने नाम से कोई सिम अथवा बैंक खाता नहीं रखता था, जिससे ट्रैकिंग बेहद कठिन हो जाती थी।

