राज्य सरकार ने बांधों में उपलब्ध जल की स्थिति और जैसलमेर में आयोजित जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद किसानों को 17 जनवरी 27 तक पांच बारी पानी देने का निर्णय किया है। खाजूवाला सहित प्रथम चरण के अनेक क्षेत्रों में किसान इन दिनों आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे में नहर विभाग ने पानी की उपलब्धता कम होने के बावजूद पांच बारी पानी देने की घोषणा की है। इंदिरा गांधी नहर के चीफ इंजीनियर विवेक गोयल ने बताया- इंदिरा गांधी नहर परियोजना के रबी फसल वर्ष 2026-27 के लिए रेगुलेशन कार्यक्रम जारी कर दिया है। उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन एवं किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 41.11 प्रतिशत पानी आने की संभावना के आधार पर किसानों को कुल पांच बारियां सिंचाई पानी उपलब्ध कराने का कार्यक्रम बनाया गया है। जनवरी में पुनः समीक्षा की जाएगी, जिसके आधार पर किसानों को अतिरिक्त बारी देने की संभावना पर विचार किया जाएगा। बांधों में पानी कम इस वर्ष फिलिंग पीरियड के दौरान बांधों की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रही। पौंग बांध का जलस्तर गत वर्ष की तुलना में लगभग 22 फीट तथा रणजीत सागर बांध का जलस्तर लगभग 48 फीट नीचे रहा। इसके परिणामस्वरूप इंदिरा गांधी नहर परियोजना के लिए कुल जल उपलब्धता 9.62 लाख क्यूसेक-डे निर्धारित हो पाई। यह उपलब्धता लगभग रबी वर्ष 2024-25 के स्तर के अनुरूप है। उस वर्ष भी बेहतर पानी आवक की उम्मीद को आधार मानते हुए किसानों को पांच बारियां उपलब्ध कराई गई थीं और इस वर्ष भी उपलब्ध संसाधनों का समुचित प्रबंधन करते हुए पांच बारियों का रेगुलेशन जारी किया गया है। आंदोलन के चलते विशेष रेगुलेशन नहर प्रबंधन का कहना है कि किसानों की तत्काल आवश्यकता को देखते हुए इस बार रेगुलेशन की शुरुआत भी विशेष रूप से योजनाबद्ध की गई है। वर्तमान में एक ओर आगामी फसल की बुवाई के लिए पानी की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर पूर्ववर्ती फसल को पकाव के लिए भी सिंचाई पानी की जरूरत है। आज से इस तरह मिलेगा पानी पहली बारी में 30 सितंबर सुबह 6 बजे से 17 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक नहरों को 4 में से 2 समूहों में चलाया जाएगा। इसके बाद 17 अक्टूबर सुबह 6 बजे से 27 जनवरी 2027 शाम 6 बजे तक शेष चार बारियां 3 में से 1 समूह के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी। पानी की आवक बढ़ी तो एक अतिरिक्त बारी पर विचार आगामी अवधि में यदि अपेक्षा से अधिक पानी की आवक होती है तो जनवरी में जल उपलब्धता की दोबारा समीक्षा की जाएगी। परिस्थितियां अनुकूल रहने पर किसानों को एक अतिरिक्त बारी पानी उपलब्ध कराने की संभावना पर विचार किया जाएगा। जारी आदेश में किसानों से उपलब्ध सिंचाई जल की मात्रा को ध्यान में रखते हुए कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को प्राथमिकता देने और उपलब्ध पानी के अनुरूप ही क्षेत्र में बुवाई करने की अपेक्षा की गई है।

