दलादली टीओपी क्षेत्र स्थित कटहल मोड़ के पास बेटी की शादी के लिए 23 सितंबर को बैंक्वेट हॉल में तैयारी की रूपरेखा फाइनल करने पहुंचे डीएवी स्कूल के रिटायर्ड प्राचार्य महेंद्र प्रसाद सिंह को ऑटो चालक ने सड़क पार करते समय जोरदार धक्का मार दिया था। जिससे वे बीच सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। तुरंत इलाज के लिए उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, हालांकि उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। गंभीर स्थिति को देखते हुए पीड़ित परिजन कुछ घंटे बाद ही घायल प्राचार्य को एयर एंबुलेंस से बेंगलुरु ले गए, लेकिन वहां 25 सितंबर की शाम उनकी मौत हो गई। महेंद्र प्रसाद सिंह परिजनों के साथ अरगोड़ा स्थित एक किराए के घर में रहते थे। वे मूल रूप से पलामू के जपला स्थित बंधुआ गांव के रहने वाले थे और वर्तमान में बोकारो स्थित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। सड़क दुर्घटना में रिटायर्ड प्राचार्य की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। जिस घर में बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं और परिवार के लोग शादी की तारीख तय होने के बाद पूरे आयोजन को लेकर व्यस्त थे, उसी परिवार में अचानक सब कुछ बदल गया। अब शादी की तारीख भी बदलनी पड़ी। 23 सितंबर को बैंक्वेट हॉल जाने के दौरान हादसा, 25 को बेंगलुरु के अस्पताल में तोड़ा दम इंजीनियर बेटी की शादी की तैयारी में लगे हुए थे, 19 जुलाई को हुआ था एंगेजमेंट भाई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि महेंद्र सिंह की दो बेटियां और एक बेटा हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। दूसरी बेटी का 19 जुलाई को एंगेजमेंट हुआ था और पेशे से इंजीनियर बेटी की शादी दो दिसंबर को तय थी। कटहल मोड़ के पास बैंक्वेट हॉल भी बुक हो चुका था। पिता तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। कार से उतरकर सड़क पार करते समय ऑटो ने उन्हें टक्कर मार दी। अब शादी रोक दी गई है। डीएवी मुनीडीह: प्राचार्य के पद से हुए थे रिटायर महेंद्र प्रसाद सिंह ने डीएवी डालटनगंज में उप प्राचार्य के पद पर 1992 में योगदान दिया था। इसके बाद वर्ष 2014 में धनबाद के मुनिडीह स्थित डीएवी स्कूल में प्राचार्य के रूप में उनका स्थानांतरण किया गया, जहां से वे वर्ष 2024 में रिटायर हुए। वर्तमान में वह बोकारो स्थित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बतौर मैनेजर कार्यरत थे। भतीजे को सांप काटने की सूचना पर तेजी से घर भाग रहा था चालक महेंद्र का शव 28 सितंबर को बेंगलुरु से रांची लाया गया और रिम्स में पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से ऑटो चालक की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज की। वह रातू के सिमलिया का रहने वाला है। उसके घर से ऑटो जब्त किया गया है, हालांकि वह फरार है। परिजनों ने बताया कि चालक के भतीजे को सांप ने काट लिया था, इसलिए वह तेजी से घर आ रहा था तभी यह हादसा हुआ। दलादली टीओपी क्षेत्र स्थित कटहल मोड़ के पास बेटी की शादी के लिए 23 सितंबर को बैंक्वेट हॉल में तैयारी की रूपरेखा फाइनल करने पहुंचे डीएवी स्कूल के रिटायर्ड प्राचार्य महेंद्र प्रसाद सिंह को ऑटो चालक ने सड़क पार करते समय जोरदार धक्का मार दिया था। जिससे वे बीच सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। तुरंत इलाज के लिए उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, हालांकि उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। गंभीर स्थिति को देखते हुए पीड़ित परिजन कुछ घंटे बाद ही घायल प्राचार्य को एयर एंबुलेंस से बेंगलुरु ले गए, लेकिन वहां 25 सितंबर की शाम उनकी मौत हो गई। महेंद्र प्रसाद सिंह परिजनों के साथ अरगोड़ा स्थित एक किराए के घर में रहते थे। वे मूल रूप से पलामू के जपला स्थित बंधुआ गांव के रहने वाले थे और वर्तमान में बोकारो स्थित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। सड़क दुर्घटना में रिटायर्ड प्राचार्य की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। जिस घर में बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं और परिवार के लोग शादी की तारीख तय होने के बाद पूरे आयोजन को लेकर व्यस्त थे, उसी परिवार में अचानक सब कुछ बदल गया। अब शादी की तारीख भी बदलनी पड़ी। 23 सितंबर को बैंक्वेट हॉल जाने के दौरान हादसा, 25 को बेंगलुरु के अस्पताल में तोड़ा दम इंजीनियर बेटी की शादी की तैयारी में लगे हुए थे, 19 जुलाई को हुआ था एंगेजमेंट भाई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि महेंद्र सिंह की दो बेटियां और एक बेटा हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। दूसरी बेटी का 19 जुलाई को एंगेजमेंट हुआ था और पेशे से इंजीनियर बेटी की शादी दो दिसंबर को तय थी। कटहल मोड़ के पास बैंक्वेट हॉल भी बुक हो चुका था। पिता तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे। कार से उतरकर सड़क पार करते समय ऑटो ने उन्हें टक्कर मार दी। अब शादी रोक दी गई है। डीएवी मुनीडीह: प्राचार्य के पद से हुए थे रिटायर महेंद्र प्रसाद सिंह ने डीएवी डालटनगंज में उप प्राचार्य के पद पर 1992 में योगदान दिया था। इसके बाद वर्ष 2014 में धनबाद के मुनिडीह स्थित डीएवी स्कूल में प्राचार्य के रूप में उनका स्थानांतरण किया गया, जहां से वे वर्ष 2024 में रिटायर हुए। वर्तमान में वह बोकारो स्थित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बतौर मैनेजर कार्यरत थे। भतीजे को सांप काटने की सूचना पर तेजी से घर भाग रहा था चालक महेंद्र का शव 28 सितंबर को बेंगलुरु से रांची लाया गया और रिम्स में पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से ऑटो चालक की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज की। वह रातू के सिमलिया का रहने वाला है। उसके घर से ऑटो जब्त किया गया है, हालांकि वह फरार है। परिजनों ने बताया कि चालक के भतीजे को सांप ने काट लिया था, इसलिए वह तेजी से घर आ रहा था तभी यह हादसा हुआ।

