मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज में लंबे समय से चल रहे वरिष्ठता (सीनियरिटी) विवाद ने मंगलवार को एक बड़ा मोड़ ले लिया। कॉलेज प्रबंध समिति ने प्रोफेसर डॉ. इला अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कॉलेज के प्राचार्य पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच में कोई सबूत न मिलने के बाद की गई है। मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज में वरिष्ठता को लेकर प्रशासनिक स्तर पर काफी समय से खींचतान चल रही थी। कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. इला अग्रवाल और डॉ. रेनू यादव के बीच सीनियरिटी को लेकर लंबे समय से मतभेद थे, और दोनों ही पक्ष लगातार अपने-अपने दावे पेश कर रहे थे। इस विवाद के बीच कॉलेज प्रशासन और प्रबंध समिति के स्तर पर लगातार पत्राचार और मामले को सुलझाने की कोशिशें की जा रही थीं। इसी दौरान, डॉ. इला अग्रवाल ने हिंदू कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एस.एस. रावत पर उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने इस संबंध में क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी और विश्वविद्यालय के कुलपति से भी लिखित शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन द्वारा दो बार उच्च स्तरीय जांच कराई गई। हालांकि, दोनों ही जांचों में डॉ. इला अग्रवाल द्वारा प्राचार्य पर लगाए गए आरोप साबित नहीं हो सके। जांच रिपोर्ट में आरोप झूठे पाए जाने के बाद, प्रबंध समिति ने मंगलवार को कड़ा रुख अपनाते हुए डॉ. इला अग्रवाल को निलंबित करने का निर्णय लिया। प्राचार्य डॉ. एस.एस. रावत ने भी इस निलंबन की पुष्टि की है। प्रबंधन का कहना है कि निलंबन के बाद अब आगे की विभागीय प्रक्रिया कॉलेज और प्रबंध समिति की तय व्यवस्था के अनुसार पूरी की जाएगी।

