भेलागुड़ी सैन्य स्टेशन के लिए 189.68 एकड़ जमीन का सर्वे:अंतिम प्लाट लिस्ट और राजस्व नक्शा तैयार, अब सरकारी मंजूरी का इंतजार

भेलागुड़ी सैन्य स्टेशन के लिए 189.68 एकड़ जमीन का सर्वे:अंतिम प्लाट लिस्ट और राजस्व नक्शा तैयार, अब सरकारी मंजूरी का इंतजार

किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित भेलागुड़ी में प्रस्तावित नए सैन्य स्टेशन के लिए 189.68 एकड़ निजी भूमि का संयुक्त सर्वेक्षण और सीमांकन पूरा हो गया है। यह इलाका सिलीगुड़ी गलियारे के करीब है। अंतिम भूखंड सूची, राजस्व नक्शा और सर्वेक्षण रिपोर्ट सैन्य प्राधिकरण को सौंप दी गई है। रक्षा संपदा अधिकारी, सिलीगुड़ी मंडल ने किशनगंज जिलाधिकारी को बताया कि भूमि की पहचान, मापी और सीमांकन के शुरुआती चरण पूरे हो चुके हैं। प्रक्रिया अब अगले प्रशासनिक चरण में है। भूमि अधिग्रहण सितंबर 2025 में शुरू हुआ। रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद अक्टूबर 2025 में समिति बनी। नवंबर 2025 में जिला प्रशासन और सैन्य अधिकारियों ने भूमि की पहचान व मापी की। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बोर्ड की कार्यवाही सिलीगुड़ी गलियारे के सामरिक महत्व के चलते यह परियोजना उच्च प्राथमिकता पर है। अगस्त 2026 में ठाकुरगंज अंचल कार्यालय ने अंतिम भूखंड सूची और राजस्व नक्शा 16 एफएडी को दिया। अब बोर्ड कार्यवाही और सरकारी स्वीकृति का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार अब परियोजना बोर्ड कार्यवाही के चरण में प्रवेश कर रही है। आवश्यक हस्ताक्षर और दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बोर्ड की कार्यवाही तैयार की जाएगी। इसके पश्चात भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक सरकारी स्वीकृतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। क्षेत्र सामरिक दृष्टि से काफी संवेदनशील अधिकारियों का मानना है कि प्रारंभिक और तकनीकी स्तर के महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो जाने से परियोजना को आगे बढ़ाने में सहूलियत होगी। सिलीगुड़ी गलियारा, जिसे आम तौर पर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण भू-भाग है। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है। ठाकुरगंज इसी व्यापक क्षेत्र के निकट स्थित है। अंतिम सूची तैयार करने का कार्य पूरा ऐसे में भेलागुड़ी में प्रस्तावित सैन्य स्टेशन को रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फिलहाल स्थिति यह है कि प्रस्तावित 189.68 एकड़ भूमि का संयुक्त सर्वेक्षण, सीमांकन और भूखंडों की अंतिम सूची तैयार करने का कार्य पूरा हो चुका है। अब परियोजना बोर्ड कार्यवाही और आवश्यक सरकारी स्वीकृति की प्रक्रिया की ओर बढ़ रही है। इन स्वीकृतियों के बाद भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित भेलागुड़ी में प्रस्तावित नए सैन्य स्टेशन के लिए 189.68 एकड़ निजी भूमि का संयुक्त सर्वेक्षण और सीमांकन पूरा हो गया है। यह इलाका सिलीगुड़ी गलियारे के करीब है। अंतिम भूखंड सूची, राजस्व नक्शा और सर्वेक्षण रिपोर्ट सैन्य प्राधिकरण को सौंप दी गई है। रक्षा संपदा अधिकारी, सिलीगुड़ी मंडल ने किशनगंज जिलाधिकारी को बताया कि भूमि की पहचान, मापी और सीमांकन के शुरुआती चरण पूरे हो चुके हैं। प्रक्रिया अब अगले प्रशासनिक चरण में है। भूमि अधिग्रहण सितंबर 2025 में शुरू हुआ। रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद अक्टूबर 2025 में समिति बनी। नवंबर 2025 में जिला प्रशासन और सैन्य अधिकारियों ने भूमि की पहचान व मापी की। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बोर्ड की कार्यवाही सिलीगुड़ी गलियारे के सामरिक महत्व के चलते यह परियोजना उच्च प्राथमिकता पर है। अगस्त 2026 में ठाकुरगंज अंचल कार्यालय ने अंतिम भूखंड सूची और राजस्व नक्शा 16 एफएडी को दिया। अब बोर्ड कार्यवाही और सरकारी स्वीकृति का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार अब परियोजना बोर्ड कार्यवाही के चरण में प्रवेश कर रही है। आवश्यक हस्ताक्षर और दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बोर्ड की कार्यवाही तैयार की जाएगी। इसके पश्चात भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक सरकारी स्वीकृतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। क्षेत्र सामरिक दृष्टि से काफी संवेदनशील अधिकारियों का मानना है कि प्रारंभिक और तकनीकी स्तर के महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो जाने से परियोजना को आगे बढ़ाने में सहूलियत होगी। सिलीगुड़ी गलियारा, जिसे आम तौर पर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण भू-भाग है। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है। ठाकुरगंज इसी व्यापक क्षेत्र के निकट स्थित है। अंतिम सूची तैयार करने का कार्य पूरा ऐसे में भेलागुड़ी में प्रस्तावित सैन्य स्टेशन को रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फिलहाल स्थिति यह है कि प्रस्तावित 189.68 एकड़ भूमि का संयुक्त सर्वेक्षण, सीमांकन और भूखंडों की अंतिम सूची तैयार करने का कार्य पूरा हो चुका है। अब परियोजना बोर्ड कार्यवाही और आवश्यक सरकारी स्वीकृति की प्रक्रिया की ओर बढ़ रही है। इन स्वीकृतियों के बाद भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।  

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