अमेरिकी सांसद ब्रायन मास्ट के नेतृत्व में एक अमेरिकी डेलिगेशन मंगलवार को चार्टर विमान से कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचा। तिब्बत निर्वासित संसद और केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। दो दिन के इस दौरे में बुधवार को दलाई लामा से मुलाकात सबसे अहम है। डेलिगेशन मंगलवार शाम को CTA के सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग के साथ बैठक और डिनर करेगा। इस दौरे में दलाई लामा के उत्तराधिकार का मुद्दा अहम है। 14वें दलाई लामा ने 2025 में साफ किया था कि उनके पुनर्जन्म और उत्तराधिकारी की पहचान तिब्बती बौद्ध परंपरा से होगी। चीन इसमें अपनी भूमिका बताता है, पर अमेरिकी नीति सरकारी दखल का विरोध करती है। तिब्बत पर वॉशिंगटन की नीति दिखाता है दौरा चीन दलाई लामा और विदेशी नेताओं की मुलाकात का विरोध करता है। यह दौरा तिब्बत पर वॉशिंगटन की नीति दिखाता है। बड़े नीतिगत फैसले की उम्मीद नहीं, पर सबकी नजर बुधवार की मुलाकात पर है।

