बांका में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए नाइट ब्लड सर्वे शुरू:DM ने खुद रक्त का नमूना देकर किया शुभारंभ, रात में अधिक सक्रिय होते हैं परजीवी

बांका में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए नाइट ब्लड सर्वे शुरू:DM ने खुद रक्त का नमूना देकर किया शुभारंभ, रात में अधिक सक्रिय होते हैं परजीवी

बांका जिले के +2 उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, हसिया में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) की आधिकारिक शुरुआत की गई। सोमवार की देर रात जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने अभियान का शुभारंभ करते हुए स्वयं रक्त का नमूना देकर रात्रि रक्त पट्ट जांच की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को फाइलेरिया से बचाव के लिए समय पर जांच और आवश्यक दवाओं के सेवन के प्रति जागरूक किया। संक्रमित लोगों की पहचान करना उद्देश्य डीएम ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जिसकी रोकथाम समय पर जांच और दवाओं के सेवन से संभव है। फाइलेरिया के परजीवी रात के समय रक्त में अधिक सक्रिय होते हैं। ऐसे में रात्रि रक्त पट्ट जांच के माध्यम से संक्रमित लोगों की पहचान करना अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। डीएम ने बेहरा पंचायत के ग्रामीणों के प्रति आभार जताते हुए जांच अभियान में सक्रिय सहयोग के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जांच टीम का सहयोग करें और स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी जाने वाली आवश्यक जानकारी एवं दवाओं का लाभ उठाएं। कार्यक्रम में CS समेत अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में प्रभारी सिविल सर्जन सह डीआईओ डॉ. सुनील कुमार चौधरी, स्थानीय मुखिया ऋषिकांत साह, डीपीएम ब्रजेश कुमार, वीबीडीसीओ डॉ. एसएस दास, बीडीओ कर्पूरी ठाकुर, पीरामल स्वास्थ्य के जिला प्रतिनिधि अवधेश कुमार, विद्यालय के प्राचार्य राजीव रंजन समेत स्वास्थ्य विभाग, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि और फ्रंटलाइन कार्यकर्ता मौजूद थे। बांका जिले के +2 उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, हसिया में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) की आधिकारिक शुरुआत की गई। सोमवार की देर रात जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने अभियान का शुभारंभ करते हुए स्वयं रक्त का नमूना देकर रात्रि रक्त पट्ट जांच की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को फाइलेरिया से बचाव के लिए समय पर जांच और आवश्यक दवाओं के सेवन के प्रति जागरूक किया। संक्रमित लोगों की पहचान करना उद्देश्य डीएम ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जिसकी रोकथाम समय पर जांच और दवाओं के सेवन से संभव है। फाइलेरिया के परजीवी रात के समय रक्त में अधिक सक्रिय होते हैं। ऐसे में रात्रि रक्त पट्ट जांच के माध्यम से संक्रमित लोगों की पहचान करना अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। डीएम ने बेहरा पंचायत के ग्रामीणों के प्रति आभार जताते हुए जांच अभियान में सक्रिय सहयोग के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जांच टीम का सहयोग करें और स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी जाने वाली आवश्यक जानकारी एवं दवाओं का लाभ उठाएं। कार्यक्रम में CS समेत अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में प्रभारी सिविल सर्जन सह डीआईओ डॉ. सुनील कुमार चौधरी, स्थानीय मुखिया ऋषिकांत साह, डीपीएम ब्रजेश कुमार, वीबीडीसीओ डॉ. एसएस दास, बीडीओ कर्पूरी ठाकुर, पीरामल स्वास्थ्य के जिला प्रतिनिधि अवधेश कुमार, विद्यालय के प्राचार्य राजीव रंजन समेत स्वास्थ्य विभाग, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि और फ्रंटलाइन कार्यकर्ता मौजूद थे।  

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