बुरहानपुर जिले में इस साल मानसून कमजोर रहने से किसानों के सामने फसल और पानी का संकट खड़ा हो गया है। किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश बुनगाल ने किसानों के साथ मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशासन को आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि शाहपुर तहसील के 25 से ज्यादा गांवों में पूरे मानसून सीजन में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि बांधों में पानी होने के बावजूद खेतों में बारिश नहीं होने से फसलों पर असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि आने वाले समय में पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है। किसानों ने कलेक्टर से जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर राहत देने की मांग की है। किसानों ने महाराष्ट्र की रावेर और मुक्ताईनगर तहसील का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सूखा घोषित किया गया है। उनका कहना है कि इसी तरह बुरहानपुर जिले के प्रभावित क्षेत्रों को भी सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को राहत दी जानी चाहिए। भोटा के ग्रामीणों ने स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री की मांग की जनसुनवाई में महाराष्ट्र सीमा से लगे ग्राम भोटा के बड़ी संख्या में ग्रामीण भी पहुंचे। उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत मकानों की रजिस्ट्री कराने की मांग प्रशासन के सामने रखी। ग्रामीणों ने पंचायत में कराए गए कार्यों की जांच की मांग भी की। उनका कहना है कि गांव में पंचायत स्तर पर हुए कामों की जांच कराई जानी चाहिए। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

