बेतिया के विशंभरपुर में बाढ़ का पानी फैला:टापू बना गांव, खाना-पानी, इलाज और पढ़ाई ठप

बेतिया के विशंभरपुर में बाढ़ का पानी फैला:टापू बना गांव, खाना-पानी, इलाज और पढ़ाई ठप

नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद पश्चिम चंपारण समेत बिहार के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इसका असर बेतिया जिले के नौतन प्रखंड क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। भगवानपुर पंचायत के विशंभरपुर गांव में बाढ़ का पानी फैल जाने से पूरा गांव टापू में तब्दील हो गया है। गांव के चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण गांव का आसपास के क्षेत्रों से संपर्क लगभग भंग हो गया है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों के सामान, खाद्य सामग्री और पीने के पानी की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। बाढ़ के पानी के कारण ग्रामीणों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सबसे अधिक परेशानी बीमार लोगों और बच्चों को हो रही है। घरों में भी सुरक्षित रहने को लेकर चिंता किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर या नाव के सहारे बाहर निकलने की मजबूरी बनी हुई है। वहीं, गांव में बाढ़ का पानी फैलने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। विद्यालय आने-जाने में परेशानी के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ते जलस्तर से उन्हें घरों में भी सुरक्षित रहने को लेकर चिंता बनी हुई है। राहत-बचाव की व्यवस्था करने की मांग कई स्थानों पर बाढ़ का पानी गांव के रास्तों और निचले इलाकों में फैल गया है। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र में नाव की व्यवस्था कराने, खाद्य सामग्री एवं पीने का पानी उपलब्ध कराने तथा जरूरतमंद लोगों के लिए चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से प्रभावित गांव में लगातार निगरानी और समय रहते राहत-बचाव की व्यवस्था किए जाने की जरूरत है। नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद पश्चिम चंपारण समेत बिहार के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इसका असर बेतिया जिले के नौतन प्रखंड क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। भगवानपुर पंचायत के विशंभरपुर गांव में बाढ़ का पानी फैल जाने से पूरा गांव टापू में तब्दील हो गया है। गांव के चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण गांव का आसपास के क्षेत्रों से संपर्क लगभग भंग हो गया है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों के सामान, खाद्य सामग्री और पीने के पानी की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। बाढ़ के पानी के कारण ग्रामीणों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सबसे अधिक परेशानी बीमार लोगों और बच्चों को हो रही है। घरों में भी सुरक्षित रहने को लेकर चिंता किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर या नाव के सहारे बाहर निकलने की मजबूरी बनी हुई है। वहीं, गांव में बाढ़ का पानी फैलने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। विद्यालय आने-जाने में परेशानी के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ते जलस्तर से उन्हें घरों में भी सुरक्षित रहने को लेकर चिंता बनी हुई है। राहत-बचाव की व्यवस्था करने की मांग कई स्थानों पर बाढ़ का पानी गांव के रास्तों और निचले इलाकों में फैल गया है। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र में नाव की व्यवस्था कराने, खाद्य सामग्री एवं पीने का पानी उपलब्ध कराने तथा जरूरतमंद लोगों के लिए चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से प्रभावित गांव में लगातार निगरानी और समय रहते राहत-बचाव की व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।  

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