गोरखपुर में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश का असर रविवार को भी गोरखपुर मंडल की सबसे बड़ी गल्ला मंडी महेवा में देखने को मिला। मंडी परिसर में रविवार की शाम तक जलभराव की स्थिति बनी रही। पानी निकालने के लिए नगर निगम की टीम टैंकर और पंप के जरिए लगातार जुटी रही। मंडी में हालात ऐसे रहे कि व्यापारी गोदामों से सामान बाहर निकालकर उसे सुखाते नजर आए। सबसे ज्यादा नुकसान व्यापारियों के कच्चे सौदे को हुआ। पानी भरने से दाल, चना, सोयाबीन, मूंगफली समेत कई खाद्य सामग्री की बोरियां पूरी तरह भीग गईं। पानी लगने के बाद कई सामान फूल गए और खराब होने की स्थिति में पहुंच गए। व्यापारियों का दावा है कि बारिश और जलभराव से मंडी में 2 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। रविवार को दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने महेवा मंडी पहुंचकर व्यापारियों से बातचीत की। व्यापारियों ने जलभराव को लेकर मंडी समिति की व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि हर साल बारिश के दौरान ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। अलर्ट के बाद भी नहीं की गई तैयारी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने कहा कि मौसम वैज्ञानिकों और शासन-प्रशासन की ओर से पहले ही भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। इसके बावजूद मंडी समिति की ओर से जलभराव से बचने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए। जिसकी वजह से हम लोगों को भारी नुकसान सहना पड़ा है। नगर निगम टीम को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने जल भराव को दूर करने में हर संभव मदद किया। हमारे व्यापारियों का जो नुकसान हुआ है या मंडी समिति दे या शासन प्रशासन किसी से भी आपकी हमारे व्यापारियों को एक-एक पैसे का हर्जाना दे नहीं तो यहां मंडी समिति का कार्यालय खुलने नहीं दिया जाएगा।” 100 से अधिक व्यापारियों का कारोबार प्रभावित उत्तर प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के सदस्य जवाहर प्रसाद कसौधन ने कहा कि मंडी में हर महीने व्यापारियों की समस्याओं को लेकर बैठक होती है, लेकिन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि यदि समय से सभी पंप चालू कर दिए जाते तो पानी को काफी हद तक निकाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि- इतनी तेज बारिश हुई अगर सभी पंप समय पर चालू होते तो पानी निकल जाता। बारिश में कोई चलने ही नहीं आया पंप को। पूरे मंडी में 2 फीट तक पानी भर गया था। यहां लगभग 100 से अधिक व्यापारी अपना व्यापार करते हैं सभी का लाखों का नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई कि हम लोग मांग करते हैं।” व्यापारियों ने नाली व्यवस्था पर उठाए सवाल राम ट्रेडिंग के प्रोपराइटर राहुल मिश्रा ने मंडी की नाली व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंडी में जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जो नालियां बनी हैं, वे भी पानी निकालने में सक्षम नहीं हैं। जो नाली बनी भी है वह किसी काम की नहीं है सिर्फ मंडी के साथ मजाक हुआ है। मंडी के द्वारा बस यहां पर कोरम पुरा किया गया है ऐसी कोई नाली होती है। यह ऐसी नाली है जहां इसका का अंत ही नहीं है यहां से शुरू हो रही है आगे कुछ दूरी जाकर खत्म हो जा रही है।” 18 साल से हर बारिश में बन रही यही स्थिति कृष्ण ट्रेडर्स के मालिक आनंद कुमार गुप्ता ने कहा कि वह करीब 18 साल से महेवा मंडी में कारोबार कर रहे हैं। उनके मुताबिक हर कुछ साल में भारी बारिश के दौरान मंडी में इसी तरह जलभराव होता है। अधिकारी निरीक्षण करने आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। आगे कहा कि- 2017 के पहले भी यहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भी इसी हालत को हमेशा उठते थे। आज भी स्थिति वैसी ही बनी हुई है।” मंडी समिति बोली- लगातार चलते रहे पंप मामले पर मंडी समिति के सचिव दिलीप कुमार वर्मा ने कहा कि बारिश काफी तेज थी। इसके बावजूद मंडी में लगे पंप लगातार चलाए गए। इसके बाद भी जलभराव की स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों से बातचीत की जा रही है और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए नाली समेत जलनिकासी की अन्य व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा। बारिश के वजह से व्यापारियों का करोड़ों का नुकसान हुआ। जिसमें मुख्य रूप से जवाहर कसौधन ,विनोद अग्रहरी, धीरज गुप्ता, सुरेंद्र कसौधन, अमित गुप्ता, रूपेश जायसवाल, आनंद गुप्ता, शैलेंद्र गोयल, शुभम गुप्ता, संदीप गुप्ता, विजय अग्रवाल, मनोज गोयल, राम चरण, साजन कुमार सहित सैकड़ो व्यापारियों का लगभग दो करोड रुपया का नुकसान हुआ है।

