मुजफ्फरपुर के कुढ़नी और तुर्की स्थित सकरी सरैया पंचायत भवन में रविवार को एक शिविर लगाया गया। इसमें आवासीय भूमिहीन परिवारों से आवेदन पत्र जमा कराए गए। एकता परिषद की ग्राम इकाई लुक्कीनंदलालपुर और सकरी सरैया के 200 से अधिक सदस्यों ने आवासीय भूमि के लिए आवेदन दिए। एकता परिषद के संस्थापक पीवी राजगोपाल तीन दशक से ज्यादा समय से जल, जंगल और जमीन के मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर जन आंदोलन चला रहे हैं। भारत सरकार ने भी उनके प्रयासों से नीति-नियम बनाए हैं। विजय गोरैया की अगुवाई में मुजफ्फरपुर और उत्तर बिहार में लोगों को जागरूक किया गया। प्रदीप प्रियदर्शी, मंजू डुगडुग, अख्तरी बेगम, रविंद्र प्रताप, हलदरभाई, कपिलेश्वर राम और लखींद्र प्रसाद जैसे नेताओं ने वंचितों के हक के लिए संघर्ष में खास भूमिका निभाई। मुजफ्फरपुर के कुढ़नी और तुर्की स्थित सकरी सरैया पंचायत भवन में रविवार को एक शिविर लगाया गया। इसमें आवासीय भूमिहीन परिवारों से आवेदन पत्र जमा कराए गए। एकता परिषद की ग्राम इकाई लुक्कीनंदलालपुर और सकरी सरैया के 200 से अधिक सदस्यों ने आवासीय भूमि के लिए आवेदन दिए। एकता परिषद के संस्थापक पीवी राजगोपाल तीन दशक से ज्यादा समय से जल, जंगल और जमीन के मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर जन आंदोलन चला रहे हैं। भारत सरकार ने भी उनके प्रयासों से नीति-नियम बनाए हैं। विजय गोरैया की अगुवाई में मुजफ्फरपुर और उत्तर बिहार में लोगों को जागरूक किया गया। प्रदीप प्रियदर्शी, मंजू डुगडुग, अख्तरी बेगम, रविंद्र प्रताप, हलदरभाई, कपिलेश्वर राम और लखींद्र प्रसाद जैसे नेताओं ने वंचितों के हक के लिए संघर्ष में खास भूमिका निभाई।

