समस्तीपुर जिला मोटर व्यवसाय संघ ने 1 अक्टूबर से जिलेभर में गिट्टी-बालू की बिक्री वजन के हिसाब से करने का निर्णय लिया है। अभी लंबे समय से ग्राहकों को सीएफटी (क्यूबिक फीट) के हिसाब से गिट्टी और बालू की आपूर्ति की जाती है। संघ का कहना है कि इससे ट्रक-अन्य वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिला मोटर व्यवसाय संघ के अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने वाहन मालिकों की बैठक के बाद बताया कि जिलेभर के मोटर व्यवसायियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें गिट्टी-बालू ढोने वाले ट्रक और अन्य वाहनों के मालिक शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक अक्टूबर से गिट्टी-बालू समेत अन्य खनन पदार्थों की बिक्री वजन के आधार पर की जाएगी। मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि लंबे समय से सीएफटी के आधार पर गिट्टी-बालू की बिक्री की जा रही है। वहीं, वाहनों पर लदे सामान का टैक्स वजन के हिसाब से लिया जाता है। ऐसे में सीएफटी और वजन के बीच अंतर के कारण वाहन मालिकों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। संघ ने इस संबंध में राज्य सरकार को भी अवगत कराया है। वाहन मालिकों को नुकसान संगठन के महासचिव संजीव कुमार सुमन ने कहा कि सरकार की ओर से ट्रक और अन्य वाहनों पर लदे खनन पदार्थों का टैक्स वजन के आधार पर लिया जाता है, जबकि गिट्टी-बालू की बिक्री सीएफटी के हिसाब से होती है। ऐसी स्थिति में वाहन मालिकों को नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए आगामी एक अक्टूबर से समस्तीपुर समेत पूरे बिहार में वाहन मालिक वजन के हिसाब से खनन पदार्थों की बिक्री करेंगे। नए नियम का पालन किया जाएगा संगठन के उपाध्यक्ष विशाल गौरव ने कहा कि वाहन मालिक लंबे समय से विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। एक अक्टूबर से नए नियम का पालन किया जाएगा। बैठक में वाहन मालिकों की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की गई और उनके समाधान को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जिलेभर से 500 से अधिक ट्रक एवं अन्य वाहन मालिक शामिल हुए। इस दौरान बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान वाहनों से कराए गए कार्य के भुगतान नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। वाहन मालिकों ने बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग की। समस्तीपुर जिला मोटर व्यवसाय संघ ने 1 अक्टूबर से जिलेभर में गिट्टी-बालू की बिक्री वजन के हिसाब से करने का निर्णय लिया है। अभी लंबे समय से ग्राहकों को सीएफटी (क्यूबिक फीट) के हिसाब से गिट्टी और बालू की आपूर्ति की जाती है। संघ का कहना है कि इससे ट्रक-अन्य वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिला मोटर व्यवसाय संघ के अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने वाहन मालिकों की बैठक के बाद बताया कि जिलेभर के मोटर व्यवसायियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें गिट्टी-बालू ढोने वाले ट्रक और अन्य वाहनों के मालिक शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक अक्टूबर से गिट्टी-बालू समेत अन्य खनन पदार्थों की बिक्री वजन के आधार पर की जाएगी। मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि लंबे समय से सीएफटी के आधार पर गिट्टी-बालू की बिक्री की जा रही है। वहीं, वाहनों पर लदे सामान का टैक्स वजन के हिसाब से लिया जाता है। ऐसे में सीएफटी और वजन के बीच अंतर के कारण वाहन मालिकों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। संघ ने इस संबंध में राज्य सरकार को भी अवगत कराया है। वाहन मालिकों को नुकसान संगठन के महासचिव संजीव कुमार सुमन ने कहा कि सरकार की ओर से ट्रक और अन्य वाहनों पर लदे खनन पदार्थों का टैक्स वजन के आधार पर लिया जाता है, जबकि गिट्टी-बालू की बिक्री सीएफटी के हिसाब से होती है। ऐसी स्थिति में वाहन मालिकों को नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए आगामी एक अक्टूबर से समस्तीपुर समेत पूरे बिहार में वाहन मालिक वजन के हिसाब से खनन पदार्थों की बिक्री करेंगे। नए नियम का पालन किया जाएगा संगठन के उपाध्यक्ष विशाल गौरव ने कहा कि वाहन मालिक लंबे समय से विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। एक अक्टूबर से नए नियम का पालन किया जाएगा। बैठक में वाहन मालिकों की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की गई और उनके समाधान को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जिलेभर से 500 से अधिक ट्रक एवं अन्य वाहन मालिक शामिल हुए। इस दौरान बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान वाहनों से कराए गए कार्य के भुगतान नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। वाहन मालिकों ने बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग की।

