Nepal Heavy Rain : काठमांडू। नेपाल में गुरुवार से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। पिछले 72 घंटे में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है। देश के कई हिस्सों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। हालात को देखते हुए कई इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है और सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है।
नारायणी नदी खतरे के निशान के करीब, बस्तियों में घुसा पानी
मध्य नेपाल में रविवार सुबह नारायणी नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 9 मीटर को पार कर गया। इसके बाद नदी का पानी आसपास की बस्तियों में प्रवेश करने लगा। प्रशासन ने नारायणी नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी करते हुए सतर्क रहने को कहा है। देश के प्रमुख परिवहन मार्गों के लिए महत्वपूर्ण चितवन की ओर जाने वाले कई हाईवे भी भूस्खलन के कारण बंद हैं। अलग-अलग स्थानों पर पहाड़ों से मलबा गिरने के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
म्याग्दी में भूस्खलन से चार की मौत
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार शनिवार शाम तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में छह लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद रविवार सुबह म्याग्दी जिले में भूस्खलन की एक घटना में चार और लोगों की मौत हो गई। अन्नपूर्णा ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष भरत कुमार पुन ने बताया कि भूस्खलन में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन होने से राहत और बचाव अभियान भी प्रभावित हो रहा है।
बागलुंग में भी भूस्खलन ने ली चार लोगों की जान
पड़ोसी बागलुंग जिले में भी भूस्खलन से चार लोगों की मौत हुई है। ग्रामीण नगरपालिका के उपाध्यक्ष प्रेम बहादुर घर्ती मगर ने बताया कि निशीखोला ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 के हारद्रा में रविवार सुबह भूस्खलन हुआ। इसमें चार लोग मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई। जिले से होकर बहने वाली कालीगंडकी नदी भी उफान पर है। नदी के तेज बहाव में कई घर और पुल बह गए हैं, जिससे सड़क संपर्क टूट गया है।
हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
बाढ़ और जलभराव के खतरे को देखते हुए सुरक्षा बल कई जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। अब तक हजारों लोगों को प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में स्थिति बिगड़ती जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है।
एक महीने पहले भी आई थी बड़ी आपदा
नेपाल में यह नई आपदा भोतेकोशी नदी में बाढ़ के करीब एक महीने बाद आई है। रिपोर्ट के अनुसार उस त्रासदी में अब तक 1,400 से अधिक लोगों की मौत और 6,000 से ज्यादा लोगों के लापता होने की बात सामने आई है। 26 अगस्त को रसुवा जिले में नदी किनारे बसे इलाकों में आई बाढ़ ने देखते ही देखते आसपास के नुवाकोट और धादिंग जिलों को भी प्रभावित कर दिया था।

