मुजफ्फरपुर के मड़वन प्रखंड में रविवार सुबह तिरहुत मुख्य नहर का तटबंध करीब 40 फीट टूट गया। इससे नहर का पानी तेजी से आसपास के खेतों में फैल गया। रक्सा, विशुनपुर, पररी और चैनपुर समेत आधा दर्जन गांवों के करीब पांच एकड़ खेत जलमग्न हो गए। रक्सा दक्षिण और रक्सा डीह का सड़क संपर्क भी टूट गया। किसानों को फसल खराब होने का डर है। ग्रामीणों से जानकारी मिलने के बाद कांटी विधायक इंजीनियर अजीत कुमार को तुरंत मड़वन प्रखंड प्रशासन, जल संसाधन विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मामले की छानबीन की जा रही है एसडीएम (पश्चिमी) स्नेहा कुमारी ने बताया कि तटबंध टूटने की सूचना पर संबंधित विभाग को अलर्ट किया गया। मरम्मत का काम तुरंत शुरू करा दिया गया है। नहर में पानी का स्तर इतना नहीं था कि तटबंध अपने आप टूट जाए, इसलिए पूरी घटना की जांच शुरू कर दी गई है। जेडीयू विधायक ने साजिश बताया दूसरी ओर, कांटी से जदयू विधायक सह पूर्व मंत्री इंजीनियर अजीत कुमार ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले बीते 9 अगस्त को भी इसी नहर का तटबंध टूटा था।
विधायक ने कहा, ‘यह बांध पानी के दबाव से अपने आप नहीं टूटा है, बल्कि पूर्व की भांति किसी असामाजिक तत्व द्वारा इसे काटा गया है। पुलिस प्रशासन को अविलंब मामला दर्ज कर गहन जांच करनी चाहिए और दोषियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए।’ ग्रामीण हो रहे परेशान स्थानीय निवासी राजकुमार ने बताया कि नहर पर बनी यह पक्की सड़क रीवा रोड से निकलकर नहर के समानांतर चलते हुए सीधे चंपारण तक जाती है। सड़क के कटने से ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल जल संसाधन विभाग की टीम मशीनों और मजदूरों की मदद से कटे हुए हिस्से को बांधने और स्थिति पर काबू पाने में जुटी हुई है। मुजफ्फरपुर के मड़वन प्रखंड में रविवार सुबह तिरहुत मुख्य नहर का तटबंध करीब 40 फीट टूट गया। इससे नहर का पानी तेजी से आसपास के खेतों में फैल गया। रक्सा, विशुनपुर, पररी और चैनपुर समेत आधा दर्जन गांवों के करीब पांच एकड़ खेत जलमग्न हो गए। रक्सा दक्षिण और रक्सा डीह का सड़क संपर्क भी टूट गया। किसानों को फसल खराब होने का डर है। ग्रामीणों से जानकारी मिलने के बाद कांटी विधायक इंजीनियर अजीत कुमार को तुरंत मड़वन प्रखंड प्रशासन, जल संसाधन विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मामले की छानबीन की जा रही है एसडीएम (पश्चिमी) स्नेहा कुमारी ने बताया कि तटबंध टूटने की सूचना पर संबंधित विभाग को अलर्ट किया गया। मरम्मत का काम तुरंत शुरू करा दिया गया है। नहर में पानी का स्तर इतना नहीं था कि तटबंध अपने आप टूट जाए, इसलिए पूरी घटना की जांच शुरू कर दी गई है। जेडीयू विधायक ने साजिश बताया दूसरी ओर, कांटी से जदयू विधायक सह पूर्व मंत्री इंजीनियर अजीत कुमार ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले बीते 9 अगस्त को भी इसी नहर का तटबंध टूटा था।
विधायक ने कहा, ‘यह बांध पानी के दबाव से अपने आप नहीं टूटा है, बल्कि पूर्व की भांति किसी असामाजिक तत्व द्वारा इसे काटा गया है। पुलिस प्रशासन को अविलंब मामला दर्ज कर गहन जांच करनी चाहिए और दोषियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए।’ ग्रामीण हो रहे परेशान स्थानीय निवासी राजकुमार ने बताया कि नहर पर बनी यह पक्की सड़क रीवा रोड से निकलकर नहर के समानांतर चलते हुए सीधे चंपारण तक जाती है। सड़क के कटने से ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल जल संसाधन विभाग की टीम मशीनों और मजदूरों की मदद से कटे हुए हिस्से को बांधने और स्थिति पर काबू पाने में जुटी हुई है।

