संतकबीरनगर में बारिश-तेज हवाओं का असर:दो दर्जन से ज्यादा पेड़ गिरे, बाइक सवार की मौत; धान-गन्ने की फसल जमीन पर बिछी

संतकबीरनगर में बारिश-तेज हवाओं का असर:दो दर्जन से ज्यादा पेड़ गिरे, बाइक सवार की मौत; धान-गन्ने की फसल जमीन पर बिछी

संतकबीरनगर में चक्रवाती मौसम का असर लगातार तीसरे दिन भी दिखाई दिया। गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार के बाद रविवार को भी मौसम खराब बना हुआ है। तेज हवाओं और रुक-रुककर हो रही बारिश से आम जनजीवन प्रभावित है। जिले में दो दर्जन से अधिक पेड़ गिरने की सूचना है। कई जगह पेड़ सड़क पर गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। सुबह से देर रात तक आसमान में बादल छाए रहे। बारिश के कारण सड़कों पर आम दिनों की तुलना में आवाजाही कम रही। बाजारों में भी सन्नाटा नजर आया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। पेड़ गिरने से बाइक सवार की मौत तेज हवा और बारिश के बीच पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। एक स्थान पर सड़क से गुजर रहे बाइक सवार पर पेड़ गिर गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। खराब मौसम में सड़क पर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। धान और गन्ने की फसल खेतों में बिछी खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल गिर गई। कई खेतों में तैयार हो रही फसल जमीन पर बिछी दिखाई दी। किसानों का कहना है कि फसल गिरने से उत्पादन प्रभावित होने के साथ कटाई में भी दिक्कत आएगी। अचानक बदले मौसम ने किसानों की महीनों की मेहनत और लागत पर संकट खड़ा कर दिया है। किसान अब बारिश थमने और मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के साथ बढ़ी ठंड, अलाव बना सहारा लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। मौसम में ठंडक बढ़ने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। कई स्थानों पर लोग अलाव तापते नजर आए। खराब मौसम को देखते हुए कक्षा आठ तक के स्कूल बंद रखे गए, ताकि बच्चों को बारिश और ठंड से बचाया जा सके। प्रशासन ने घरों से बाहर न निकलने की अपील की लगातार खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन लोगों को सतर्क करता रहा। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम थमने का इंतजार तीन दिनों से जारी बारिश और तेज हवाओं ने जिले की दिनचर्या बदल दी है। आम लोग जहां बारिश थमने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं किसानों की निगाहें खेतों पर टिकी हैं। फसल गिरने से किसानों के चेहरे पर चिंता साफ नजर आ रही है।

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