भाद्रपद पूर्णिमा के पावन अवसर पर राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट की ओर से जनकल्याण, संकट निवारण और पितृ तृप्ति के उद्देश्य से विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मां नर्मदा और गंगा में पवित्र स्नान के पश्चात नर्मदा जल से श्री ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की। संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया और राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री नरेंद्र पाल ने इस विशेष पूजन में शामिल होकर समाज के हर वर्ग के जीवन से दुख, संकट और पितृ दोषों की मुक्ति के लिए सामूहिक प्रार्थना की। इस दौरान तीर्थ के पौराणिक महत्व को साझा करते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि नर्मदा तट पर स्थित त्रिशूल भेद और इंद्र गया जैसे तीर्थों को ब्रह्मांड की प्रथम श्राद्ध स्थली माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मां नर्मदा के दर्शन और इन पवित्र दिनों में यहां स्नान-पूजन करने से तन, मन व आत्मा की शुद्धि होती है तथा पितरों को तृप्ति मिलती है।

