आजमगढ़ में विधायक निधि से जुड़े कथित कमीशन के स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो वायरल होने के मामले में रिटायर्ड सहायक लेखाकार अशोक कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। परियोजना निदेशक सच्चिदानंद की तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने 26 सितंबर को केस दर्ज किया। पुलिस अब वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की जांच कर रही है। यह मामला दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद सामने आया था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद CDO राकेश कुमार पटेल ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की थी। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। परियोजना निदेशक ने क्या आरोप लगाया परियोजना निदेशक ने शहर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि 7 सितंबर को रिटायर्ड सहायक लेखाकार अशोक कुमार श्रीवास्तव से बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में विधायक निधि से जुड़े मामले में कथित तौर पर अशोभनीय बातचीत होने का आरोप लगाया गया। तहरीर में कहा गया कि वीडियो वायरल होने से लोगों के बीच अफवाह फैल रही थी और आक्रोश की स्थिति बन रही थी। साथ ही वायरल वीडियो में कथित बातचीत से स्थानीय प्रशासन की छवि भी प्रभावित हो रही थी। इसके बाद मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस वीडियो की सत्यता जांच रही परियोजना निदेशक की तहरीर पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें कही गई बातों और उससे जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। दैनिक भास्कर के स्टिंग में सामने आया था मामला दैनिक भास्कर की स्टिंग टीम ने NGO मैनेजर बनकर अलग-अलग जिलों में विधायकों की निधि से फंड जारी कराने की प्रक्रिया की पड़ताल की थी। टीम विधायकों के अनुशंसा पत्र लेकर CDO कार्यालयों तक पहुंची थी। स्टिंग रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फंड जारी कराने की प्रक्रिया में अलग-अलग स्तर पर कमीशन की बात सामने आई। आजमगढ़ में टीम ने मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र की सपा विधायक पूजा सरोज के नाम से 81 लाख रुपए विधायक निधि से जारी कराने के लिए अनुशंसा पत्र का इस्तेमाल किया था। रिपोर्ट में कथित तौर पर 35% कमीशन की डील का उल्लेख किया गया था। स्टिंग के दौरान दैनिक भास्कर की टीम ने NGO मैनेजर बनकर CDO कार्यालय में तैनात रहे सहायक लेखाकार अशोक कुमार श्रीवास्तव से बातचीत की थी। रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत में विधायक निधि से जुड़े काम में कमीशन की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। रिपोर्ट में कथित बातचीत के आधार पर AE समेत अन्य स्तरों को मिलाकर करीब 7% कमीशन की बात कही गई थी। इसमें AE, BDO और CDO स्तर का भी उल्लेख था। फंड जारी होने पर तय कमीशन का 60% एडवांस देने की बात और 5 हजार रुपए लेने के बाद काम कराने का आश्वासन दिए जाने का भी दावा किया गया थ

