Iran Sanctions: ईरान पर अमेरिका का ‘इकोनॉमिक वार’! ब्रिटेन-UAE समेत 4 देशों ने कसा शिकंजा, अब क्या होगा?

Iran Sanctions: ईरान पर अमेरिका का ‘इकोनॉमिक वार’! ब्रिटेन-UAE समेत 4 देशों ने कसा शिकंजा, अब क्या होगा?

Operation Economic Outcast: ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक मुहिम अब केवल वॉशिंगटन के फैसलों तक सीमित नहीं दिख रही है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ब्रिटेन, तुर्किये, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के सहयोग का सार्वजनिक तौर पर स्वागत किया है। उनके मुताबिक इन देशों में उठाए गए कदमों से ईरानी एयरलाइंस और वित्तीय लेन-देन पर असर पड़ा है। खास तौर पर उड़ानों और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े फैसले संकेत दे रहे हैं कि अमेरिका अपने प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू कराने की कोशिश तेज कर रहा है।

ईरान के खिलाफ अमेरिका का आर्थिक दबाव बढ़ा

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच वॉशिंगटन ने आर्थिक मोर्चे पर दबाव और बढ़ा दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ब्रिटेन, तुर्किये, ओमान और यूएई की सरकारों का आभार जताते हुए कहा कि ईरान पर दबाव बनाने की अमेरिकी कोशिशों में इन देशों के कदम अहम हैं।

बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्होंने विभिन्न देशों में टीमें भेजकर ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक अभियान को आगे बढ़ाने की कोशिश की। यह अभियान “ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट” के तहत चलाया जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी के अनुसार इसका उद्देश्य ईरान से जुड़े वित्तीय और आर्थिक नेटवर्क पर शिकंजा कसना है।

बेसेंट के मुताबिक तुर्किये और ओमान ने महन एयर की उड़ानों को अपने यहां बंद करने की दिशा में कदम उठाए हैं। वहीं यूएई ने ईरानी एयरलाइंस की उड़ानों पर रोक लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही यूएई और तुर्किये के कुछ प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों द्वारा ईरान से जुड़े लेन-देन रोकने की बात भी अमेरिकी पक्ष ने कही है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी ट्रेजरी ने 8 सितंबर को ईरान के विमानन क्षेत्र से जुड़े 36 लक्ष्यों पर प्रतिबंध लगाए थे। कार्रवाई में ईरानी एयरलाइंस के अलावा उन विदेशी कंपनियों और बिचौलियों को भी निशाना बनाया गया, जिन पर ईरान के विमानन नेटवर्क को सहायता देने के आरोप हैं।

महन एयर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में है। अमेरिकी ट्रेजरी का आरोप है कि इस एयरलाइन का इस्तेमाल ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े लोगों, हथियारों और सैन्य उपकरणों की आवाजाही में किया गया। हालांकि, ये अमेरिकी सरकार के आरोप हैं; ईरान और संबंधित पक्षों के रुख को अलग से देखा जाना जरूरी है।

अमेरिकी दबाव का असर विमानन क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। सितंबर में ईरान ने बगदाद और मस्कट की उड़ानों को लेकर भी बदलाव किए, जबकि क्षेत्रीय हवाई संपर्क पर प्रतिबंधों का प्रभाव बढ़ा है।

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