रोहतासगढ़ फोर्ट समुद्र तल से करीब 1500 फीट की ऊंचाई पर है। यह सिर्फ किला नहीं, बल्कि पहाड़ की चोटी पर बसा एक अभेद्य दुर्ग था। चारों तरफ पहाड़ और घने जंगल काफी आकर्षक है। रोहतासगढ़ की कहानी लोककथा में राजा हरिश्चंद्र के बेटे रोहिताश्व से जुड़ी है।
हालांकि, आज रोहतासगढ़ फोर्ट के ज्यादातर हिस्से खंडहर में तब्दील हो चुके हैं, लेकिन इन टूटती दीवारों को चारों तरफ से घने जंगल, पहाड़ और हरियाली अब भी घेरे हुए हैं। बारिश के मौसम में पहाड़ियों से उतरते झरने वीरान किले को एक अलग आकर्षत बनाती है। वीडियो देखने के लिए ऊपर क्लिक करें रोहतासगढ़ फोर्ट समुद्र तल से करीब 1500 फीट की ऊंचाई पर है। यह सिर्फ किला नहीं, बल्कि पहाड़ की चोटी पर बसा एक अभेद्य दुर्ग था। चारों तरफ पहाड़ और घने जंगल काफी आकर्षक है। रोहतासगढ़ की कहानी लोककथा में राजा हरिश्चंद्र के बेटे रोहिताश्व से जुड़ी है।
हालांकि, आज रोहतासगढ़ फोर्ट के ज्यादातर हिस्से खंडहर में तब्दील हो चुके हैं, लेकिन इन टूटती दीवारों को चारों तरफ से घने जंगल, पहाड़ और हरियाली अब भी घेरे हुए हैं। बारिश के मौसम में पहाड़ियों से उतरते झरने वीरान किले को एक अलग आकर्षत बनाती है। वीडियो देखने के लिए ऊपर क्लिक करें

