भागलपुर में शनिवार को पुलिस आरोपी को नदी में तलाशती रही, पर उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। आरोपी संतोष ने जिस जगह छलांग लगाई था, वहां नदी कोई छोटी-मोटी धारा नहीं थी। करीब 150 फीट चौड़ी नदी में 10 से 12 फीट पानी की गहराई थी। ऊपर से पानी का बहाव तेज था। शनिवार सुबह एसडीआरएफ और आपदा मित्र की टीम सैदपुर घाट पहुंची। करीब 4 घंटे तक नदी में तलाशी अभियान चलता रहा। जिस हिस्से में संतोष के कूदने की बात सामने आई थी, वहां टीम ने खंगाला, लेकिन नहीं मिला। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि संतोष नदी की तेज धार में बह गया या पानी के रास्ते निकलकर कहीं और फरार हो गया ? मामला जगदीशपुर थाना क्षेत्र का है। देखें तस्वीरें… हथियार के साथ धराया था आरोपी दरअसल, संतोष को पुलिस ने हथियार के साथ पकड़ा था। 25 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि संतोष यादव सैदपुर घाट पर किसी अपराध की साजिश रच रहा है। उसकी तलाशी ली तो कट्टा और कारतूस मिला था। पुलिस संतोष को उसी समय अपने गिरफ्त में लिया था। पुलिस उसे लेकर लौट रही थी, तभी चकमा देकर वह नदी में कूद गया। उसे पकड़ने के लिए एक सिपाही भी पानी में कूद पड़ा। कुछ देर तक नदी में हलचल दिखाई दी, लेकिन तेज बहाव के बीच संतोष आगे निकल गया। सिपाही किसी तरह तैरकर बाहर आया। इसके बाद नदी के किनारे और आसपास के इलाके में पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। शुक्रवार को घटना के बाद संतोष का कहीं पता नहीं चला तो परिजन ने आशंका जताई कि वो डूब गया होगा। जिसके बाद शनिवार को एसडीआरएफ ने उसको तलाशा, पर कहीं वो नहीं मिला।
पुलिस की लापरवाही की भी जांच होगी- एसएसपी
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक हथियारबंद व्यक्ति किसी घटना को अंजाम देने की नीयत से जा रहा है। पुलिस टीम को देखते ही वह भागने लगा। सिपाही ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह सिपाही चकमा देते हुए नदी में कूद गया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि संतोष को उस समय औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया था और न ही उसके हाथ में हथकड़ी लगी थी। पुलिस के अनुसार, वह भागने के दौरान ही नदी में कूद गया। गिरफ्तारी के लिए कई लगातार छापेमारी हो रही है। यदि पुलिस की ओर से किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो उसकी भी जांच की जाएगी। भागलपुर में शनिवार को पुलिस आरोपी को नदी में तलाशती रही, पर उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। आरोपी संतोष ने जिस जगह छलांग लगाई था, वहां नदी कोई छोटी-मोटी धारा नहीं थी। करीब 150 फीट चौड़ी नदी में 10 से 12 फीट पानी की गहराई थी। ऊपर से पानी का बहाव तेज था। शनिवार सुबह एसडीआरएफ और आपदा मित्र की टीम सैदपुर घाट पहुंची। करीब 4 घंटे तक नदी में तलाशी अभियान चलता रहा। जिस हिस्से में संतोष के कूदने की बात सामने आई थी, वहां टीम ने खंगाला, लेकिन नहीं मिला। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि संतोष नदी की तेज धार में बह गया या पानी के रास्ते निकलकर कहीं और फरार हो गया ? मामला जगदीशपुर थाना क्षेत्र का है। देखें तस्वीरें… हथियार के साथ धराया था आरोपी दरअसल, संतोष को पुलिस ने हथियार के साथ पकड़ा था। 25 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि संतोष यादव सैदपुर घाट पर किसी अपराध की साजिश रच रहा है। उसकी तलाशी ली तो कट्टा और कारतूस मिला था। पुलिस संतोष को उसी समय अपने गिरफ्त में लिया था। पुलिस उसे लेकर लौट रही थी, तभी चकमा देकर वह नदी में कूद गया। उसे पकड़ने के लिए एक सिपाही भी पानी में कूद पड़ा। कुछ देर तक नदी में हलचल दिखाई दी, लेकिन तेज बहाव के बीच संतोष आगे निकल गया। सिपाही किसी तरह तैरकर बाहर आया। इसके बाद नदी के किनारे और आसपास के इलाके में पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। शुक्रवार को घटना के बाद संतोष का कहीं पता नहीं चला तो परिजन ने आशंका जताई कि वो डूब गया होगा। जिसके बाद शनिवार को एसडीआरएफ ने उसको तलाशा, पर कहीं वो नहीं मिला।
पुलिस की लापरवाही की भी जांच होगी- एसएसपी
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक हथियारबंद व्यक्ति किसी घटना को अंजाम देने की नीयत से जा रहा है। पुलिस टीम को देखते ही वह भागने लगा। सिपाही ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह सिपाही चकमा देते हुए नदी में कूद गया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि संतोष को उस समय औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया था और न ही उसके हाथ में हथकड़ी लगी थी। पुलिस के अनुसार, वह भागने के दौरान ही नदी में कूद गया। गिरफ्तारी के लिए कई लगातार छापेमारी हो रही है। यदि पुलिस की ओर से किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो उसकी भी जांच की जाएगी।

