Rajasthan Police ने 6.80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में 12वें आरोपी को पकड़ा

Rajasthan Police ने 6.80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में 12वें आरोपी को पकड़ा

राजस्थान पुलिस ने 6.80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ़्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार इसके साथ ही इस मामले में गिरफ़्तार लोगों की कुल संख्या 12 हो गई है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) विजय कुमार सिंह ने शनिवार को बताया कि आरोपी की पहचान बीकानेर निवासी लक्ष्मण सिंह उर्फ नीशू के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि सिंह ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाए, ठगों को ठहराने में सहयोग किया तथा खाताधारकों को होटल में ठहरा कर टेलीग्राम के जरिए साइबर ठगी गिरोह के सरगनाओं को बैंक खाते, एटीएम, मोबाइल फोन/ओटीपी भेजे। उन्होंने बताया कि धोखाधड़ी करने वालों ने ठगी की रकम को अलग-अलग चरणों में प्राप्त करने, छिपाने और इधर-उधर भेजने के लिए म्यूल बैंक खातों, एटीएम, चेक, यूपीआई, क्यूआर कोड, डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया।

आरोप है कि ये आरोपी एफ2एफ जयपुर दिल्ली नाम के टेलीग्राम ग्रुप के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्यों से जुड़े हुए थे। पुलिस ने बताया कि लक्ष्मण सिंह ने 23 अगस्त को रींगस के एक होटल में संदीप कुमार नामक व्यक्ति के लिए कमरे का इंतजाम किया था। आरोप है कि बाद में उसने संदीप से बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम/चेकबुक, पहचान पत्र और बैंक खाते से जुड़ी सिम हासिल की।

पुलिस के मुताबिक इस सिम का इस्तेमाल बैंक के मोबाइल एप्लिकेशन को सक्रिय करने के लिए किया गया और बाद में उस खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिली रकम को प्राप्त एवं अंतरित करने के लिए किया गया। पुलिस के अनुसार यह मामला अगस्त में जयपुर में दर्ज 6.80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा है। साइबर अपराधियों ने एक निजी कंपनी के ‘कंप्यूटर सिस्टम’ तक पहुंच बना ली थी।

कंपनी के एक निदेशक का रूप धरने के लिए व्हाट्सएप वेब का इस्तेमाल किया। उन्होंने कंपनी के ‘अकाउंट्स हेड’ का भरोसा जीतने के लिए निदेशक के नाम और ‘प्रोफ़ाइल पिक्चर’ का इस्तेमाल किया। पुलिस का कहना है कि ठगों ने कंपनी का निदेशक बनकर ‘अकाउंट्स हेड’ से तुरंत भुगतान करने को कहा जिसके बाद 24 अगस्त को तीन बैंक खातों में 6.80 करोड़ रुपये डाले गए।

इसका खुलासा होने पर कंपनी ने मामला दर्ज करवाया था।

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