ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शनिवार को सहरसा के कचहरी चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग की। उन्होंने भाकपा-माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, योगेंद्र यादव और नेहा समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी का भी विरोध किया। ”लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाया जा रहा” इस दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला भी फूंका गया। कार्यक्रम का नेतृत्व आइसा के जिलाध्यक्ष आशीष आनंद ने किया। आरवाईए के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कुंदन यादव ने ‘एसआईआर’ प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाया जा रहा है। वैध नामों को फिर से जोड़ने की मांग आइसा ने एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने और मतदाता सूची से हटाए गए वैध नामों को फिर से जोड़ने की मांग की। आइसा ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की वर्तमान प्रणाली को रद्द कर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को चयन समिति में फिर से शामिल करने की भी मांग की। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शनिवार को सहरसा के कचहरी चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग की। उन्होंने भाकपा-माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, योगेंद्र यादव और नेहा समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी का भी विरोध किया। ”लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाया जा रहा” इस दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला भी फूंका गया। कार्यक्रम का नेतृत्व आइसा के जिलाध्यक्ष आशीष आनंद ने किया। आरवाईए के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कुंदन यादव ने ‘एसआईआर’ प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाया जा रहा है। वैध नामों को फिर से जोड़ने की मांग आइसा ने एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने और मतदाता सूची से हटाए गए वैध नामों को फिर से जोड़ने की मांग की। आइसा ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की वर्तमान प्रणाली को रद्द कर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को चयन समिति में फिर से शामिल करने की भी मांग की।

