मधेपुरा में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की ओर से शनिवार को टीपी कॉलेज गेट पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतिवाद सभा आयोजित की गई। इस दौरान संगठन के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और हालिया चुनावों को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। आइसा के जिला सचिव पावेल कुमार ने कहा कि हालिया रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और कुछ निर्णयों को लेकर चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग इसे सामान्य आंतरिक प्रक्रिया बता रहा है, लेकिन संगठन का मानना है कि मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। कार्यप्रणाली से लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल दो चुनाव आयुक्तों की ओर से आयोग के कुछ फैसलों पर आपत्ति जताए जाने की बात कही है। पावेल कुमार ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने SIR प्रक्रिया को निलंबित करने, 2025 से अब तक जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं, वहां चुनाव प्रक्रिया की समीक्षा करने और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। RYA के जिला संयोजक कृष्ण कुमार ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव दोबारा कराने की मांग की। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की आइसा जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार विकास ने कहा कि बिहार में SIR शुरू होने के समय से ही संगठन इस प्रक्रिया पर सवाल उठाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि मधेपुरा में भी मतदाता सूची को लेकर आपत्तियां दी गईं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। आइसा जिला उपाध्यक्ष राजकिशोर राज और अंकु आनंद ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। मौके पर अजय कुमार, सुमन कुमार, विकास कुमार, अनुज कुमार, शिवम कुमार, सोनू कुमार सहित अन्य मौजूद थे। मधेपुरा में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की ओर से शनिवार को टीपी कॉलेज गेट पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतिवाद सभा आयोजित की गई। इस दौरान संगठन के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और हालिया चुनावों को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। आइसा के जिला सचिव पावेल कुमार ने कहा कि हालिया रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और कुछ निर्णयों को लेकर चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग इसे सामान्य आंतरिक प्रक्रिया बता रहा है, लेकिन संगठन का मानना है कि मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। कार्यप्रणाली से लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल दो चुनाव आयुक्तों की ओर से आयोग के कुछ फैसलों पर आपत्ति जताए जाने की बात कही है। पावेल कुमार ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने SIR प्रक्रिया को निलंबित करने, 2025 से अब तक जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं, वहां चुनाव प्रक्रिया की समीक्षा करने और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। RYA के जिला संयोजक कृष्ण कुमार ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव दोबारा कराने की मांग की। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की आइसा जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार विकास ने कहा कि बिहार में SIR शुरू होने के समय से ही संगठन इस प्रक्रिया पर सवाल उठाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि मधेपुरा में भी मतदाता सूची को लेकर आपत्तियां दी गईं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। आइसा जिला उपाध्यक्ष राजकिशोर राज और अंकु आनंद ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। मौके पर अजय कुमार, सुमन कुमार, विकास कुमार, अनुज कुमार, शिवम कुमार, सोनू कुमार सहित अन्य मौजूद थे।

