बदायूं के सहसवान में दिनदहाड़े शनिवार सुबह 9.45 बजे SBI का ATM तोड़कर कैश निकालने की कोशिश हुई। युवक ने पहले कैमरे तोड़े, फिर कैशट्रे उखाड़ने में पूरी ताकत लगा दी। घटना सामने आई तो पुलिस जांच में जुटी, लेकिन आरोपी तक पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उसे ‘विक्षिप्त’ मानने की थ्योरी सामने रख दी। सवाल यह है कि जिस युवक ने कैमरे तोड़कर एटीएम की कैशट्रे पर औजार चलाया, उसकी मानसिक स्थिति का फैसला पुलिस ने आखिर किस आधार पर कर लिया? सहसवान कोतवाली क्षेत्र में सैफुल्लागंज रोड स्थित मुख्य बाजार के एसबीआई एटीएम की है। युवक हाथ में पेचकसनुमा औजार लेकर एटीएम केबिन में दाखिल हुआ। उसने सबसे पहले वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद एटीएम मशीन की कैशट्रे को निशाना बनाया। युवक काफी देर तक औजार से ट्रे खोलने की कोशिश करता रहा। खींचतान और जोर लगाने के बावजूद कैशट्रे नहीं खुली तो वह बिना कैश लिए वहां से निकल गया। घटना की जानकारी मिलने पर शाखा प्रबंधक अरुण कुमार मौके पर पहुंचे। बैंक खुलवाकर पुलिस की मौजूदगी में कैश का मिलान कराया गया। बैंक प्रशासन के मुताबिक मशीन में रखा कैश सुरक्षित है। शाखा प्रबंधक की ओर से पुलिस को तहरीर भी दी गई है। बैंक प्रबंधन के मुताबिक एटीएम के सीसीटीवी कैमरे हैदराबाद स्थित मेन ब्रांच ऑफिस से कनेक्ट हैं। ऐसे में घटना की फुटेज वहीं से मिल सकेगी। फुटेज मिलने के बाद आरोपी की पहचान और उसके आने-जाने के रास्ते की जानकारी पुलिस के लिए अहम सुराग बन सकती है। एसएचओ नरेश कुमार का कहना है कि वारदात को अंजाम देने वाला कोई पेशेवर चोर नहीं, बल्कि विक्षिप्त युवक प्रतीत होता है। उनका तर्क है कि पेशेवर चोर दिन में ऐसी घटना करेगा, यह कहना मुश्किल है। हालांकि मुकदमा लिखा जाएगा। जबकि आरोपी की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस ने उसकी मानसिक स्थिति का आकलन कर लिया।

