जयपुर. सांगानेर इलाके में मोबाइल चोरी होने के बाद बैंक खाते से रुपए निकलने का मामला सामने आया है। राधा बल्लभ मार्ग निवासी दिव्या छीपा ने मालपुरा गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि मोबाइल चोरी होने के बाद उन्होंने तुरंत अपनी सिम बंद करवा दी थी, इसके बावजूद साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से यूपीआई के जरिए 1.24 लाख रुपए निकाल लिए। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और बैंक खाते से हुए लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।
दिव्या ने पुलिस को बताया कि 14 सितंबर को वह सेक्टर-35 में सब्जी खरीदने के लिए गई थीं। इसी दौरान भीड़भाड़ के बीच किसी अज्ञात जेबकतरे ने उनकी जेब से मोबाइल निकाल लिया। मोबाइल चोरी होने का पता चलते ही उन्होंने बिना देरी किए ग्राहक सेवा केंद्र (कस्टमर केयर) से संपर्क किया और चोरी हुए मोबाइल में लगी सिम को बंद करवा दिया। इसके बावजूद बाद में उनके बैंक खाते से यूपीआई के जरिए रकम निकल गई।
मोबाइल चोरी होने के बाद सिम बंद करवाने के बावजूद खाते से इतनी बड़ी रकम निकल जाने से पीड़िता को भी हैरानी हुई। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मोबाइल चोरी होने के बाद साइबर ठगों ने किस तरह बैंक खाते तक पहुंच बनाई और यूपीआई के जरिए रकम ट्रांसफर की। पुलिस बैंक खातों में हुए लेन-देन और ट्रांजैक्शन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
सिम बदलने के बाद भी कैसे निकले रुपए?
अगले दिन यानी 15 सितंबर को पीड़िता ने उसी मोबाइल नंबर की नई यानी डुप्लीकेट सिम भी जारी करवा ली थी। उन्हें लगा कि मोबाइल और पुरानी सिम दोनों बंद होने के बाद अब बैंक खाते से किसी तरह का लेन-देन नहीं हो सकेगा। लेकिन इसके बावजूद 17 सितंबर को उनके बैंक खाते से यूपीआई के जरिए 1.24 लाख रुपए निकाल लिए गए।
खाते से अचानक इतनी बड़ी रकम निकलने का मैसेज मोबाइल पर आया तो पीड़िता के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इस मामले की जानकारी पुलिस को दी। अब पुलिस पूरे मामले की तकनीकी स्तर पर जांच कर रही है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि खाते से निकाली गई 1.24 लाख रुपए की रकम आखिर किस खाते में ट्रांसफर हुई।

