ऑपरेशन विश्वास: पुलिस ने 63 चोरी-गुम मोबाइल बरामद कर मालिकों को सौंपे

ऑपरेशन विश्वास: पुलिस ने 63 चोरी-गुम मोबाइल बरामद कर मालिकों को सौंपे

चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन विश्वास के तहत पुलिस ने 63 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा गया। मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोगों ने राहत जताई। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल बरामदगी के लिए विशेष टीम बनाई गई है। टीम तकनीकी संसाधनों और शिकायतों के आधार पर नेटवर्क व अन्य तकनीकी सूचनाओं के जरिए मोबाइल की लोकेशन और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाकर कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे के निर्देश पर यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। वर्तमान अभियान में बरामद 63 मोबाइल झारखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से भी मिले हैं। इनमें आठ मोबाइल केंद्रीय उपकरण पहचान पंजी (सीईआईआर) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर बरामद हुए। बाकी 55 मोबाइल तकनीकी जांच और थानों में मिली शिकायतों के आधार पर खोजे गए। पुलिस ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक सिमडेगा पुलिस कुल 636 चोरी और गुमशुदा मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को लौटवा चुकी है। विभाग के अनुसार मोबाइल फोन अब दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इनके गुम या चोरी होने पर आर्थिक नुकसान के साथ-साथ फोटो, दस्तावेज, संपर्क और अन्य निजी डिजिटल डेटा के कारण भी परेशानी बढ़ती है। पुलिस का कहना है कि चोरी या गुम मोबाइल का इस्तेमाल अपराधी पहचान छिपाने या अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी कर सकते हैं। इसलिए ऐसे फोन की बरामदगी पीड़ितों की संपत्ति लौटाने के साथ अपराध जांच के लिए भी अहम है। पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने कहा कि मोबाइल की कीमत केवल बाजार मूल्य नहीं होती, उसमें निजी जानकारी भी होती है। उन्होंने कहा कि तकनीक और टीमवर्क से मोबाइल ढूंढकर मालिकों तक पहुंचाने की कोशिश जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक कराने के लिए आवेदन करें। चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन विश्वास के तहत पुलिस ने 63 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा गया। मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोगों ने राहत जताई। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल बरामदगी के लिए विशेष टीम बनाई गई है। टीम तकनीकी संसाधनों और शिकायतों के आधार पर नेटवर्क व अन्य तकनीकी सूचनाओं के जरिए मोबाइल की लोकेशन और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाकर कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे के निर्देश पर यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। वर्तमान अभियान में बरामद 63 मोबाइल झारखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से भी मिले हैं। इनमें आठ मोबाइल केंद्रीय उपकरण पहचान पंजी (सीईआईआर) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर बरामद हुए। बाकी 55 मोबाइल तकनीकी जांच और थानों में मिली शिकायतों के आधार पर खोजे गए। पुलिस ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक सिमडेगा पुलिस कुल 636 चोरी और गुमशुदा मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को लौटवा चुकी है। विभाग के अनुसार मोबाइल फोन अब दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इनके गुम या चोरी होने पर आर्थिक नुकसान के साथ-साथ फोटो, दस्तावेज, संपर्क और अन्य निजी डिजिटल डेटा के कारण भी परेशानी बढ़ती है। पुलिस का कहना है कि चोरी या गुम मोबाइल का इस्तेमाल अपराधी पहचान छिपाने या अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी कर सकते हैं। इसलिए ऐसे फोन की बरामदगी पीड़ितों की संपत्ति लौटाने के साथ अपराध जांच के लिए भी अहम है। पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने कहा कि मोबाइल की कीमत केवल बाजार मूल्य नहीं होती, उसमें निजी जानकारी भी होती है। उन्होंने कहा कि तकनीक और टीमवर्क से मोबाइल ढूंढकर मालिकों तक पहुंचाने की कोशिश जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक कराने के लिए आवेदन करें।  

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