ड्रग के ओवरडोज से 26 साल के युवक की मौत:विदिशा में पढ़ाई के दौरान लगी लत, नशा मुक्ति केंद्र से भागा; परिजन बोले- बेचता था घर का सामान

ड्रग के ओवरडोज से 26 साल के युवक की मौत:विदिशा में पढ़ाई के दौरान लगी लत, नशा मुक्ति केंद्र से भागा; परिजन बोले- बेचता था घर का सामान

विदिशा शहर में 26 साल के आदर्श (अजय) मालवीय की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। वह बस स्टैंड के पीछे रहता था। परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत ड्रग्स के ओवरडोज से हुई है। हालांकि, पुलिस ने मर्ग कायम किया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक मौत की वजह स्पष्ट नहीं की है। आदर्श के पिता का करीब 15 साल पहले निधन हो गया था। इसके बाद उसकी मां ने बेटे और छोटी बेटी की अकेले परवरिश की। परिवार के मुताबिक, पढ़ाई के दौरान आदर्श गलत संगत में पड़ गया था। उसे इंजेक्शन और पाउडर जैसे नशे की लत लग गई थी। परिवार पिछले कई साल से उसका इलाज करा रहा था। उसे विदिशा के नशा मुक्ति केंद्र में भी भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, वह केंद्र का दरवाजा तोड़कर वहां से भाग आया था। नशे के लिए बेच देता था घर का सामान
परिवार का कहना है कि नशे की लत बढ़ने के बाद आदर्श घर का सामान तक बेच देता था। पैसे नहीं मिलने पर मां और बहन से झगड़ा करता था। उसकी छोटी बहन बस स्टैंड इलाके में जूतों का स्टॉल लगाती है और परिवार चलाने में मां की मदद करती है। परिजनों ने बस स्टैंड इलाके में खुलेआम ड्रग्स बिकने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आदर्श के साथ नशा करने वाले कई युवक पहले भी जान गंवा चुके हैं। परिवार ने नशे के कारोबारियों पर कार्रवाई नहीं होने का भी आरोप लगाया है। पुलिस बोली- पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी वजह कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज ने बताया कि परिजनों ने ड्रग्स के ओवरडोज से मौत का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर मर्ग कायम किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रियंक कानूनगो बोले- सप्लाई चेन तक पहुंचनी चाहिए जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने विदिशा में नशे से युवाओं की मौत की घटनाओं को चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की जांच केवल मर्ग तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। मौत की वजह और पूरे मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल, वॉट्सऐप चैट, डिजिटल फोरेंसिक और लोकेशन की जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि वह नशा कहां से खरीदता था और उसके संपर्क में कौन लोग थे। कानूनगो के मुताबिक, जांच का उद्देश्य सिर्फ मौत की वजह पता करना नहीं, बल्कि नशे की सप्लाई चेन तक पहुंचना भी होना चाहिए। उन्होंने नशा बेचने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और उनकी अवैध संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों के मुताबिक, सितंबर में विदिशा में नशे से जुड़ी मौत का यह तीसरा मामला है। लगातार सामने आ रही घटनाओं से शहर में नशे के कारोबार और युवाओं में बढ़ती लत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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