अररिया-बलुआही धार में डूबने से 2 महिलाओं की मौत:चारा लेकर लौटते समय हुआ हादसा, बारिश के बाद अचानक बढ़ा था पानी

अररिया-बलुआही धार में डूबने से 2 महिलाओं की मौत:चारा लेकर लौटते समय हुआ हादसा, बारिश के बाद अचानक बढ़ा था पानी

अररिया के नरपतगंज प्रखंड में शुक्रवार को तेज बारिश के बाद बलुआही धार का जलस्तर अचानक बढ़ने से दो विवाहित महिलाओं की डूबने से मौत हो गई। हादसा मानिकपुर पंचायत के वार्ड संख्या-13 में हुआ। दोनों महिलाएं मवेशियों के लिए चारा लेने खेत गई थीं और लौटने के दौरान धार पार करते समय गहरे पानी में चली गईं। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। मृतकों की पहचान मानिकपुर पंचायत निवासी अड़हुल देवी, पति अरुण यादव और अर्चना देवी, पति कुंदन यादव के रूप में हुई है। चारा लेकर लौटते समय बढ़ गया पानी जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाएं कुछ अन्य महिलाओं के साथ खेत में मवेशियों के लिए चारा लेने गई थीं। वापस लौटने के दौरान बलुआही धार में अचानक पानी बढ़ गया। तेज बहाव और अधिक गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण दोनों महिलाएं गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। साथ मौजूद महिलाओं ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला। एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी को इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाया गया। डॉक्टर ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हादसे की सूचना मिलते ही फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हर साल बारिश में बढ़ जाता है हादसे का खतरा ग्रामीणों ने बताया कि बारिश और बाढ़ के दौरान बलुआही धार का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। इसके कारण यहां हर साल हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि धार पर पुल निर्माण की मांग कई वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, पुल नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरी में जान जोखिम में डालकर धार पार करनी पड़ती है। शुक्रवार की घटना के बाद एक बार फिर स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण की मांग उठाई है। जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को दी सांत्वना हादसे की जानकारी मिलने के बाद जिला पार्षद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्रवण कुमार दास, सेवानिवृत्त सैनिक खगेंद्र यादव, सुधीर यादव, पैक्स अध्यक्ष चुनचुन यादव समेत कई लोग मृतकों के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और घटना पर दुख जताया। हादसे ने स्थानीय स्तर पर बलुआही धार पर पुल निर्माण की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। ग्रामीणों का सवाल है कि बारिश के मौसम में इस धार को पार करने की मजबूरी कब खत्म होगी। अररिया के नरपतगंज प्रखंड में शुक्रवार को तेज बारिश के बाद बलुआही धार का जलस्तर अचानक बढ़ने से दो विवाहित महिलाओं की डूबने से मौत हो गई। हादसा मानिकपुर पंचायत के वार्ड संख्या-13 में हुआ। दोनों महिलाएं मवेशियों के लिए चारा लेने खेत गई थीं और लौटने के दौरान धार पार करते समय गहरे पानी में चली गईं। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। मृतकों की पहचान मानिकपुर पंचायत निवासी अड़हुल देवी, पति अरुण यादव और अर्चना देवी, पति कुंदन यादव के रूप में हुई है। चारा लेकर लौटते समय बढ़ गया पानी जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाएं कुछ अन्य महिलाओं के साथ खेत में मवेशियों के लिए चारा लेने गई थीं। वापस लौटने के दौरान बलुआही धार में अचानक पानी बढ़ गया। तेज बहाव और अधिक गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण दोनों महिलाएं गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। साथ मौजूद महिलाओं ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला। एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी को इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाया गया। डॉक्टर ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हादसे की सूचना मिलते ही फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हर साल बारिश में बढ़ जाता है हादसे का खतरा ग्रामीणों ने बताया कि बारिश और बाढ़ के दौरान बलुआही धार का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। इसके कारण यहां हर साल हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि धार पर पुल निर्माण की मांग कई वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, पुल नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरी में जान जोखिम में डालकर धार पार करनी पड़ती है। शुक्रवार की घटना के बाद एक बार फिर स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण की मांग उठाई है। जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को दी सांत्वना हादसे की जानकारी मिलने के बाद जिला पार्षद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्रवण कुमार दास, सेवानिवृत्त सैनिक खगेंद्र यादव, सुधीर यादव, पैक्स अध्यक्ष चुनचुन यादव समेत कई लोग मृतकों के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और घटना पर दुख जताया। हादसे ने स्थानीय स्तर पर बलुआही धार पर पुल निर्माण की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। ग्रामीणों का सवाल है कि बारिश के मौसम में इस धार को पार करने की मजबूरी कब खत्म होगी।  

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