गयाजी में पितृपक्ष मेला के मौके पर फल्गु नदी के देवघाट पर लेजर लाइट शो की शुरुआत हुई है। इसका मकसद श्रद्धालुओं को गयाजी की धार्मिक और आध्यात्मिक अहमियत से रूबरू कराना है। मगध प्रमंडल आयुक्त डॉ. सफीना एएन, मगध प्रमंडल आईजी विकास वैभव, मेयर गणेश पासवान और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इस लेजर लाइट शो के जरिए फल्गु नदी, गयाजी की पौराणिक अहमियत और माता सीता द्वारा राजा दशरथ के पिंडदान से जुड़ी धार्मिक कथा को आकर्षक ढंग से दिखाया जाएगा। लेजर लाइट शो का उद्घाटन मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. सफीना ए एन, मगध रेंज के आईजी विकास वैभव, मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार और पूर्व डिप्टी मेयर व सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने मिलकर किया। रंग-बिरंगी रोशनी और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल फल्गु देवघाट पर शुरू हुए इस लेजर शो में रंग-बिरंगी रोशनी और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके जरिए गयाजी की धार्मिक विरासत को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। खासकर, फल्गु नदी का महत्व, गयाजी में पिंडदान की परंपरा और माता सीता द्वारा राजा दशरथ के पिंडदान से जुड़ी मान्यता को श्रद्धालु लेजर शो के जरिए देख पाएंगे। पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से बड़ी तादाद में श्रद्धालु गयाजी आते हैं। ऐसे में देवघाट पर शुरू हुआ यह लेजर लाइट शो उनकी धार्मिक आस्था के साथ-साथ गयाजी की पुरानी और सांस्कृतिक विरासत को जानने का एक आकर्षक तरीका बनेगा। शाम के समय फल्गु तट पर लेजर लाइट के जरिए दिखाया जाने वाला यह शो श्रद्धालुओं के अनुभव को और यादगार बनाएगा।
लेजर लाइट शो अहम पहल है मेयर ने कहा कि पितृपक्ष मेला सिर्फ पिंडदान और तर्पण का आयोजन नहीं है। यह गयाजी की पुरानी धार्मिक परंपरा और संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने का भी मौका है। उन्होंने बताया कि फल्गु देवघाट पर लेजर लाइट शो इसी दिशा में एक अहम पहल है। पूर्व डिप्टी मेयर और सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि गयाजी सिर्फ पिंडदान की भूमि नहीं है। यह सनातन धर्म की बहुत पुरानी और अहम तीर्थस्थली भी है। पौराणिक महत्ता को आधुनिक तकनीक समझाया जाएगा फल्गु नदी के देवघाट पर शुरू किया गया लेजर लाइट शो श्रद्धालुओं को गयाजी की धार्मिक और पौराणिक महत्ता को आधुनिक तकनीक के माध्यम से समझाने का प्रयास है। इसमें भगवान विष्णु के चरणचिह्न, फल्गु नदी की महत्ता और माता सीता द्वारा राजा दशरथ के पिंडदान की कथा को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां की धार्मिक परंपराओं और इतिहास को करीब से समझ सकेंगे। साथ ही, शाम के समय लेजर शो फल्गु तट के सौंदर्य को भी बढ़ाएगा और गयाजी आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह एक विशेष अनुभव होगा। गयाजी में पितृपक्ष मेला के मौके पर फल्गु नदी के देवघाट पर लेजर लाइट शो की शुरुआत हुई है। इसका मकसद श्रद्धालुओं को गयाजी की धार्मिक और आध्यात्मिक अहमियत से रूबरू कराना है। मगध प्रमंडल आयुक्त डॉ. सफीना एएन, मगध प्रमंडल आईजी विकास वैभव, मेयर गणेश पासवान और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इस लेजर लाइट शो के जरिए फल्गु नदी, गयाजी की पौराणिक अहमियत और माता सीता द्वारा राजा दशरथ के पिंडदान से जुड़ी धार्मिक कथा को आकर्षक ढंग से दिखाया जाएगा। लेजर लाइट शो का उद्घाटन मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. सफीना ए एन, मगध रेंज के आईजी विकास वैभव, मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार और पूर्व डिप्टी मेयर व सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने मिलकर किया। रंग-बिरंगी रोशनी और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल फल्गु देवघाट पर शुरू हुए इस लेजर शो में रंग-बिरंगी रोशनी और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके जरिए गयाजी की धार्मिक विरासत को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। खासकर, फल्गु नदी का महत्व, गयाजी में पिंडदान की परंपरा और माता सीता द्वारा राजा दशरथ के पिंडदान से जुड़ी मान्यता को श्रद्धालु लेजर शो के जरिए देख पाएंगे। पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से बड़ी तादाद में श्रद्धालु गयाजी आते हैं। ऐसे में देवघाट पर शुरू हुआ यह लेजर लाइट शो उनकी धार्मिक आस्था के साथ-साथ गयाजी की पुरानी और सांस्कृतिक विरासत को जानने का एक आकर्षक तरीका बनेगा। शाम के समय फल्गु तट पर लेजर लाइट के जरिए दिखाया जाने वाला यह शो श्रद्धालुओं के अनुभव को और यादगार बनाएगा।
लेजर लाइट शो अहम पहल है मेयर ने कहा कि पितृपक्ष मेला सिर्फ पिंडदान और तर्पण का आयोजन नहीं है। यह गयाजी की पुरानी धार्मिक परंपरा और संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने का भी मौका है। उन्होंने बताया कि फल्गु देवघाट पर लेजर लाइट शो इसी दिशा में एक अहम पहल है। पूर्व डिप्टी मेयर और सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि गयाजी सिर्फ पिंडदान की भूमि नहीं है। यह सनातन धर्म की बहुत पुरानी और अहम तीर्थस्थली भी है। पौराणिक महत्ता को आधुनिक तकनीक समझाया जाएगा फल्गु नदी के देवघाट पर शुरू किया गया लेजर लाइट शो श्रद्धालुओं को गयाजी की धार्मिक और पौराणिक महत्ता को आधुनिक तकनीक के माध्यम से समझाने का प्रयास है। इसमें भगवान विष्णु के चरणचिह्न, फल्गु नदी की महत्ता और माता सीता द्वारा राजा दशरथ के पिंडदान की कथा को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां की धार्मिक परंपराओं और इतिहास को करीब से समझ सकेंगे। साथ ही, शाम के समय लेजर शो फल्गु तट के सौंदर्य को भी बढ़ाएगा और गयाजी आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह एक विशेष अनुभव होगा।

