औरंगाबाद में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की तैयारी तेज:मुख्य सचिव ने की समीक्षा, समय पर भूमि अर्जन के दिए निर्देश

औरंगाबाद में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की तैयारी तेज:मुख्य सचिव ने की समीक्षा, समय पर भूमि अर्जन के दिए निर्देश

औरंगाबाद जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए BIADA के तहत औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। गुरुवार को बिहार के मुख्य सचिव ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में औरंगाबाद से जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा शामिल हुए। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने औद्योगिक विकास से जुड़ी भूमि अर्जन और अन्य प्रशासनिक और वैधानिक प्रक्रियाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। औद्योगिक विकास के लिए भूमि अर्जन पर जोर मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान राज्य में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता और भूमि अर्जन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को भूमि अर्जन से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि औद्योगिक परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में अनावश्यक विलंब नहीं हो। औरंगाबाद जिले में भी BIADA के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार को लेकर भूमि अर्जन की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में औद्योगिक क्षेत्र के लिए बड़ी मात्रा में भूमि का अधिग्रहण किया गया है। कुटुंबा के 7 मौजों में 436.50 एकड़ भूमि अधिग्रहित प्रशासन के अनुसार औरंगाबाद में BIADA के अंतर्गत कुल 436.50306 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। यह भूमि कुटुंबा अंचल के जौड़ा, महसू, इरियप,करमडीह, कझपा, निरंजनपुर और सहदई परसावां समेत सात मौजों में फैली हुई है। इसका उद्देश्य वहां औद्योगिक इकाइयों और उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध कराना है। यानी जमीन को विकसित कर विभिन्न कंपनियों, उद्योगों को प्लॉट और जरूरी औद्योगिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रिया में पुनर्वास व पुनर्व्यवस्थापन यानी RR योजना को भी शामिल किया गया है। आयुक्त, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, मगध प्रमंडल गया के आदेश के अनुसार RR योजना को स्वीकृति मिल चुकी है। योजना की स्वीकृति के बाद भूमि अधिग्रहण से संबंधित धारा 18 का प्रकाशन भी किया जा चुका है। इसके बाद अब धारा 19(1) के प्रकाशन की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि अर्जन और उससे जुड़ी सभी वैधानिक प्रक्रियाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। प्रशासनिक स्तर पर जारी कार्रवाई का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए आवश्यक भूमि संबंधी प्रक्रिया को जल्द पूरा करना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विभिन्न स्तरों पर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि औरंगाबाद में प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का मार्ग जल्द प्रशस्त हो सके। औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार से जिले में नई औद्योगिक गतिविधियों के लिए आधार तैयार होने की उम्मीद है। औरंगाबाद जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए BIADA के तहत औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। गुरुवार को बिहार के मुख्य सचिव ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में औरंगाबाद से जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा शामिल हुए। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने औद्योगिक विकास से जुड़ी भूमि अर्जन और अन्य प्रशासनिक और वैधानिक प्रक्रियाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। औद्योगिक विकास के लिए भूमि अर्जन पर जोर मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान राज्य में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता और भूमि अर्जन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को भूमि अर्जन से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि औद्योगिक परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में अनावश्यक विलंब नहीं हो। औरंगाबाद जिले में भी BIADA के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार को लेकर भूमि अर्जन की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में औद्योगिक क्षेत्र के लिए बड़ी मात्रा में भूमि का अधिग्रहण किया गया है। कुटुंबा के 7 मौजों में 436.50 एकड़ भूमि अधिग्रहित प्रशासन के अनुसार औरंगाबाद में BIADA के अंतर्गत कुल 436.50306 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। यह भूमि कुटुंबा अंचल के जौड़ा, महसू, इरियप,करमडीह, कझपा, निरंजनपुर और सहदई परसावां समेत सात मौजों में फैली हुई है। इसका उद्देश्य वहां औद्योगिक इकाइयों और उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध कराना है। यानी जमीन को विकसित कर विभिन्न कंपनियों, उद्योगों को प्लॉट और जरूरी औद्योगिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रिया में पुनर्वास व पुनर्व्यवस्थापन यानी RR योजना को भी शामिल किया गया है। आयुक्त, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन-सह-प्रमंडलीय आयुक्त, मगध प्रमंडल गया के आदेश के अनुसार RR योजना को स्वीकृति मिल चुकी है। योजना की स्वीकृति के बाद भूमि अधिग्रहण से संबंधित धारा 18 का प्रकाशन भी किया जा चुका है। इसके बाद अब धारा 19(1) के प्रकाशन की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि अर्जन और उससे जुड़ी सभी वैधानिक प्रक्रियाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। प्रशासनिक स्तर पर जारी कार्रवाई का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए आवश्यक भूमि संबंधी प्रक्रिया को जल्द पूरा करना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विभिन्न स्तरों पर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि औरंगाबाद में प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का मार्ग जल्द प्रशस्त हो सके। औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार से जिले में नई औद्योगिक गतिविधियों के लिए आधार तैयार होने की उम्मीद है।  

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