मध्यप्रदेश में अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ प्रदेश के प्रमुख शहरों में झांकियों और चल समारोह की रौनक रहेगी। इंदौर में 103 साल पुरानी झांकी परंपरा के तहत शाम 6 बजे से 9 किमी से ज्यादा लंबे मार्ग पर झांकियां निकलेंगी, वहीं उज्जैन और ग्वालियर में भी विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। भोपाल समेत अन्य शहरों में घाटों, कृत्रिम कुंडों और विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। कई शहरों में यातायात डायवर्जन के साथ पुलिस, गोताखोर, फायर ब्रिगेड और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इस बार प्रदेशभर में धार्मिक, पौराणिक और सामाजिक संदेशों से जुड़ी झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इंदौर में झांकियों के साथ अखाड़ों के उस्ताद और खलीफा पारंपरिक खेलों और युद्ध कलाओं के करतब दिखाएंगे। उज्जैन में चल समारोह के बाद प्रतिमाएं रामघाट और सुनहरी घाट सहित निर्धारित स्थानों पर पहुंचेंगी, जबकि ग्वालियर में सागरताल के अस्थायी कुंड में प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा। भोपाल में प्रमुख घाटों के साथ छोटे-बड़े प्रतिमाओं के लिए कृत्रिम विसर्जन कुंड बनाए गए हैं। सबसे पहले जानिए एमपी के बड़े शहरों में कैसी रहेगी व्यवस्था इंदौर भोपाल उज्जैन ग्वालियर जबलपुर अब देखिए इंदौर की प्रमुख झांकियां… देशी मिल की 3 झांकियां 1. दुर्गा माता और महिषासुर वध पहली झांकी में देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध का प्रसंग दिखाया गया है। यह झांकी धार्मिक थीम पर आधारित है। 2. सती को लेकर जाते भगवान शंकर दूसरी झांकी भगवान शंकर द्वारा माता सती को ले जाने के प्रसंग पर आधारित है। इसे शिव पुराण से जुड़े प्रसंग के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। 3. नशामुक्ति का संदेश तीसरी झांकी धार्मिक कथाओं से अलग सामाजिक संदेश देती है। इसमें शराब के बहिष्कार और नशे से होने वाले नुकसान को दिखाया गया है। कल्याण मिल की 2 झांकियां 1. जगन्नाथ जी की पहली रथ यात्रा पहली झांकी भगवान जगन्नाथ की पहली रथ यात्रा के प्रसंग पर आधारित है। कथा के अनुसार सतयुग में जब मनुष्य भारी रथ को खींच नहीं पा रहे थे, तब जानवर आगे आए और रथ खींचने में सहायता की। झांकी में जानवरों के इस सहयोग और रथ यात्रा के उत्सव को दिखाया जाएगा। 2. नारी शक्ति दूसरी झांकी भारत की उन नारियों को समर्पित है, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में देश का गौरव बढ़ाया। इसमें भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों और योगदान को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। होप टेक्सटाइल मिल की 2 झांकियां 1. गणेशजी की आराधना पहली झांकी भगवान गणेश की आराधना पर आधारित है। इसकी खासियत यह है कि झांकी को गणेश पुराण में दिए गए वर्णन के आधार पर तैयार किया गया है। 2. भगवान शिव की बारात दूसरी झांकी भगवान शिव की बारात को दर्शाती है। इसे शिव महापुराण में वर्णित प्रसंग के आधार पर तैयार किया गया है। मालवा मिल की 3 झांकियां 1. बच्चों के लिए ‘मछली जल की रानी है’ पहली झांकी खास तौर पर बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें ‘मछली जल की रानी है’ थीम दिखाई जाएगी। झांकी में बड़ी संख्या में मछलियों के साथ जलपरी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। 2. चंद्रमा और रोहिणी का विवाह दूसरी झांकी चंद्रमा और रोहिणी के विवाह के प्रसंग पर आधारित है। इसमें पौराणिक कथा को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। 3. भोलेनाथ की बारात तीसरी झांकी भगवान भोलेनाथ की बारात पर आधारित है। इसमें देवताओं के साथ भूतों की टोली भी नाचती हुई नजर आएगी। राजकुमार मिल की 2 झांकियां 1. ‘मेरी ये नैया है अब तो तेरे हवाले’ पहली झांकी भगवान जगन्नाथ से जुड़े भजन ‘मेरी ये नैया है अब तो तेरे हवाले’ की थीम पर आधारित है। भजन के भाव को झांकी के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। 2. मधु-कैटभ वध—80 फीट की ट्रॉली पर तैयार दूसरी झांकी मधु और कैटभ के वध की पौराणिक कथा पर आधारित है। इसके पीछे की कथा के अनुसार मधु और कैटभ नामक दो असुरों को इच्छामृत्यु का वरदान प्राप्त था। इसके बाद वे भगवान विष्णु का वध करने निकले। कथा में आगे देवी की सहायता से दोनों असुरों के वध का प्रसंग आता है। इस झांकी की खासियत इसका विशाल आकार है। इसे करीब 80 फीट की ट्रॉली पर तैयार किया गया है। आकार बड़ा होने के कारण झांकी को पहले दो अलग-अलग हिस्सों में बनाया गया और बाद में दोनों हिस्सों को जोड़कर तैयार किया गया। नगर निगम की 4 झांकियां विकास कामों की झांकी पहली झांकी में निगम के विकास कार्यों को दर्शाया गया है। इसमें सौर ऊर्जा प्लांट, वाटर रिचार्जिंग, 24 घंटे जल आपूर्ति, पौधरोपण, मेट्रो, सड़क निर्माण, सीवरेज ट्रीटमेंट और स्वच्छता-यातायात में किए जा रहे नवाचार दिखेंगे। जेनजी : युवा संगम, रोजगार, उच्च शिक्षा, कौशल विकास दूसरी झांकी में जेनजी को केंद्र में रखते हुए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को दिखाया गया है। युवा संगम, रोजगार, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और मुद्रा ऋण से जुड़े आंकड़े भी प्रदर्शित होंगे। मोदी के सुशासन के 25 वर्षों की थीम तीसरी झांकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन के 25 वर्षों की थीम पर आधारित है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाएं, महिला उद्यमिता, आयुष्मान भारत, जनजातीय क्षेत्रों का विकास, हरित ऊर्जा और हर घर स्वच्छ जल जैसे विषय शामिल हैं। कृष्ण-सुदामा मिलन चौथी झांकी कृष्ण-सुदामा के मिलन पर आधारित है। इसके जरिए सच्ची मित्रता में ईमानदारी, त्याग, सम्मान और हर परिस्थिति में साथ निभाने का संदेश दिया जाएगा। इंदौर में शाम 6 बजे खजराना गणेश की झांकी से शुरुआत झांकियों का क्रम पूर्ववत रखा गया है। शाम 6 बजे सबसे पहले श्री खजराना गणेश मंदिर की झांकी निकलेगी। इसके बाद श्री शास्त्री कॉर्नर नवयुवक मंडल छोटा गणपति मंदिर चौराहा, इंदौर विकास प्राधिकरण, इंदौर नगर निगम, होप टेक्सटाइल (भंडारी मिल), कल्याण मिल, मालवा मिल, हुकुमचंद मिल, स्वदेशी मिल, राजकुमार मिल और स्पूतनिक ट्यूटोरियल एकेडमी की झांकियां निकलेंगी। इंदौर की प्रमुख झांकियां मिट्टी के गणेश का विसर्जन कैसे करें? मिट्टी की गणेश प्रतिमा का विसर्जन घर पर बाल्टी, टब या किसी साफ पात्र में किया जा सकता है।
प्रतिमा को पानी में धीरे-धीरे रखें और पूरी तरह घुलने दें, पानी में कोई प्लास्टिक या सजावटी सामग्री न डालें।
घुली हुई मिट्टी को छानकर गमले या बगीचे की मिट्टी में मिलाया जा सकता है, लेकिन इस मिट्टी में तुलसी का पौधा न लगाने की मान्यता कुछ परंपराओं में मानी जाती है। तुलसी का पौधा क्यों नहीं लगाते? ध्यान रखें: तुलसी न लगाने की बात धार्मिक मान्यता है, वैज्ञानिक नियम नहीं। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में निकलेगा 22 झांकियों का कारवां इंदौर में 103 साल पुरानी परंपरा के तहत अनंत चतुर्दशी पर 25 सितंबर की शाम 6 बजे से झांकियों का कारवां शुरू होगा। खास बात यह कि इस बार भी 22 से ज्यादा झांकियां तैयार की जा रही हैं। मिल परिसरों में कलाकार और कारीगर दिन-रात जुटे हैं। कहीं अंतिम रंग-रोगन तो कहीं सजावट और रोशनी का काम चल रहा है। एक दिन पहले ही शहर में झांकियों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।पूरी खबर पढ़ें

