दरभंगा के जाले थाना में एक ही जमीन को कई बार बेचने के आरोप में 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता रमेश कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी हुई जमीन को फर्जी कागजात बनाकर अलग-अलग लोगों को बेचा गया है। रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में खोरिया टोल स्थित खाता संख्या 39, खेसरा संख्या 460 (नया) / 691 (पुराना) वाली जमीन खरीदी थी। यह जमीन उन्होंने शीला देवी और जिलेबिया देवी से रजिस्ट्री कराई थी। जिलेबिया देवी ने अपना हिस्सा रमेश कुमार शर्मा को बेचा था। इस जमीन के मूल विक्रेता सैयद मोहम्मद अमानुल्ला थे। शिकायत के अनुसार, इसी जमीन को वर्ष 2025 में रामश्रेष्ठ ठाकुर ने बिना किसी वैध दस्तावेज के अपनी पत्नी इंद्रा देवी, भाभी सुभकाला देवी और बिमला देवी को रजिस्ट्री कर दिया। इसके बाद, वर्ष 2026 में रामश्रेष्ठ ठाकुर की पुत्रवधू सोनी देवी और अंबिका कुमारी ने सैयद मोहम्मद अमानुल्ला से फिर से उसी जमीन की रजिस्ट्री करा ली। इस पूरे मामले में रामश्रेष्ठ ठाकुर, सैयद मोहम्मद अमानुल्ला, इंद्रा देवी, सुभकाला देवी, बिमला देवी, सोनी देवी, अंबिका कुमारी, लक्ष्मण ठाकुर, मिथिलेश ठाकुर और विश्वनाथ ठाकुर सहित 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। रमेश कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि इन सभी ने मिलकर साजिश रची और फर्जी कागजात तैयार कर जमीन हड़पने की कोशिश की। साथ ही, उन्हें और उनके परिवार को जमीन पर आने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई है। जाले थाना में कांड संख्या 207/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 61(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसआई दीपशिखा को सौंपी गई है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। दरभंगा के जाले थाना में एक ही जमीन को कई बार बेचने के आरोप में 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता रमेश कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी हुई जमीन को फर्जी कागजात बनाकर अलग-अलग लोगों को बेचा गया है। रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में खोरिया टोल स्थित खाता संख्या 39, खेसरा संख्या 460 (नया) / 691 (पुराना) वाली जमीन खरीदी थी। यह जमीन उन्होंने शीला देवी और जिलेबिया देवी से रजिस्ट्री कराई थी। जिलेबिया देवी ने अपना हिस्सा रमेश कुमार शर्मा को बेचा था। इस जमीन के मूल विक्रेता सैयद मोहम्मद अमानुल्ला थे। शिकायत के अनुसार, इसी जमीन को वर्ष 2025 में रामश्रेष्ठ ठाकुर ने बिना किसी वैध दस्तावेज के अपनी पत्नी इंद्रा देवी, भाभी सुभकाला देवी और बिमला देवी को रजिस्ट्री कर दिया। इसके बाद, वर्ष 2026 में रामश्रेष्ठ ठाकुर की पुत्रवधू सोनी देवी और अंबिका कुमारी ने सैयद मोहम्मद अमानुल्ला से फिर से उसी जमीन की रजिस्ट्री करा ली। इस पूरे मामले में रामश्रेष्ठ ठाकुर, सैयद मोहम्मद अमानुल्ला, इंद्रा देवी, सुभकाला देवी, बिमला देवी, सोनी देवी, अंबिका कुमारी, लक्ष्मण ठाकुर, मिथिलेश ठाकुर और विश्वनाथ ठाकुर सहित 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। रमेश कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि इन सभी ने मिलकर साजिश रची और फर्जी कागजात तैयार कर जमीन हड़पने की कोशिश की। साथ ही, उन्हें और उनके परिवार को जमीन पर आने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई है। जाले थाना में कांड संख्या 207/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 61(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसआई दीपशिखा को सौंपी गई है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

