Netanyahu UNGA Speech: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए इजराइल का समर्थन करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि बर्बर लोगों के खिलाफ इस लड़ाई में, राष्ट्रपति ट्रंप से बेहतर हमारा कोई सहयोगी नहीं रहा है, और उनकी साहसी लीडरशिप के लिए धन्यवाद दिया। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल और अमेरिका ने न सिर्फ अपनी सुरक्षा बल्कि सभ्यता को बचाने के लिए भी मिलकर काम किया।
ईरान पर हमला बताया सबसे आसान फैसला
नेतन्याहू ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर इजराइल की सैन्य कार्रवाई को देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक आलोचना के बावजूद कई देशों ने निजी तौर पर इस कार्रवाई की तारीफ की। उन्होंने कहा कि, अगर ऐसा नहीं किया होता तो हम सब मारे गए होते और इसे प्रधानमंत्री के तौर पर उनके सबसे आसान फैसलों में से एक बताया।
सात मोर्चों पर जंग, दुश्मनों को करारी शिकस्त का दावा
नेतन्याहू ने कहा कि पिछले तीन सालों से इजराइली सैनिक हमास, हिज़्बुल्लाह, हूती, ईरान और इराक-सीरिया की मिलिशिया समेत सात मोर्चों पर लड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन सभी को हराया गया और अमेरिकी मदद से ईरान की सेना, नौसेना, वायुसेना व परमाणु ठिकानों को तबाह कर दिया गया, जबकि हिज्बुल्लाह को बुरी तरह कुचल दिया गया, जिसका जिक्र उन्होंने पेजर हमलों के हवाले से किया।
नेतन्याहू ने इजराइल पर लगने वाले उपनिवेशवाद के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए गोलान हाइट्स से यहूदियों के ऐतिहासिक जुड़ाव का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इजराइल अरब दुनिया की कुल जमीन के मुकाबले बेहद छोटे हिस्से पर बसा है, फिर भी उस पर उपनिवेशवाद का आरोप लगाया जाता है।
कतर और तुर्कीये पर सीधा हमला
अपने भाषण में नेतन्याहू ने कतर और तुर्कीये को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कतर ने इजराइल-विरोधी जनमत बनाने और युवाओं को भड़काने के लिए अरबों खर्च किए और 7 अक्टूबर के हमास हमलावरों को पनाह दी। उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन को तानाशाह बताते हुए आरोप लगाया कि वह भी हमास के आतंकी सरगनाओं को शरण देते हैं।



Netanyahu gave Trump a very public thank-you from the UN stage.