भारत ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक जीता जबकि सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में देश को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। पूवम्मा राजू, विशाल थेन्नारासु, विथ्या रामराज और मनु टीएस की चौकड़ी ने तीन मिनट 14.46 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में जीता अपना रजत पदक बरकरार रखा।विथ्या रामराज ने अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बहरीन ने तीन मिनट 12.87 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं की 10 हजार मीटर स्पर्धा में सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकेंड का समय निकाला।सीमा ने कड़े मुकाबले में 16 साल के अंतराल के बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया। एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में यह भारत का अब तक का केवल तीसरा पदक है। हिमाचल प्रदेश की लंबी दूरी की धाविका सीमा को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर सीमा पर गर्व है!उन्हें बधाई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनके दृढ़ प्रदर्शन ने कई वर्षों बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया है। यह शानदार उपलब्धि उनकी सहनशक्ति, अनुशासन और वर्षों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है। आने वाले समय में उन्हें ऐसी ही कई और सफलताएं मिलें।’’
इस साल मार्च में सीमा ने कैलिफोर्निया में आयोजित ‘द टेन’ प्रतियोगिता में 10 हजार मीटर दौड़ में 32 मिनट 02.43 सेकेंड का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।उन्होंने शीर्ष स्तर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच पांचवां स्थान हासिल किया था। अप्रैल में उन्होंने पांच हजार मीटर में भी 15 मिनट 16.20 सेकेंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकाला था। लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर सीमा भारत की लंबी दूरी की प्रमुख धाविकाओं में अपनी जगह बना चुकी हैं।उनके सीनियर करियर में 10 हजार मीटर और पांच हजार मीटर मुख्य स्पर्धाएं रही हैं। भारत को चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक दिलाने में अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करने वाली विथ्या रामराज भी देश की प्रमुख 400 मीटर धाविकाओं और 400 मीटर बाधा दौड़ की खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने रिले टीम में भी महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।तमिलनाडु की रहने वाली विथ्या 400 मीटर बाधा दौड़ में अपनी व्यक्तिगत क्षमता के साथ चार गुणा 400 मीटर रिले का महत्वपूर्ण अनुभव भी रखती हैं। उन्होंने 2023 एशियाई खेलों में 400 मीटर बाधा दौड़ में 55.42 सेकेंड के समय के साथ भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। वह ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और पेरिस 2024 में चार गुणा 400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थीं।
भारत ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक जीता जबकि सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में देश को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। पूवम्मा राजू, विशाल थेन्नारासु, विथ्या रामराज और मनु टीएस की चौकड़ी ने तीन मिनट 14.46 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में जीता अपना रजत पदक बरकरार रखा।
विथ्या रामराज ने अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बहरीन ने तीन मिनट 12.87 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं की 10 हजार मीटर स्पर्धा में सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकेंड का समय निकाला।
सीमा ने कड़े मुकाबले में 16 साल के अंतराल के बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया। एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में यह भारत का अब तक का केवल तीसरा पदक है। हिमाचल प्रदेश की लंबी दूरी की धाविका सीमा को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर सीमा पर गर्व है!
उन्हें बधाई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनके दृढ़ प्रदर्शन ने कई वर्षों बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया है। यह शानदार उपलब्धि उनकी सहनशक्ति, अनुशासन और वर्षों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है। आने वाले समय में उन्हें ऐसी ही कई और सफलताएं मिलें।’’
इस साल मार्च में सीमा ने कैलिफोर्निया में आयोजित ‘द टेन’ प्रतियोगिता में 10 हजार मीटर दौड़ में 32 मिनट 02.43 सेकेंड का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।
उन्होंने शीर्ष स्तर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच पांचवां स्थान हासिल किया था। अप्रैल में उन्होंने पांच हजार मीटर में भी 15 मिनट 16.20 सेकेंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकाला था। लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर सीमा भारत की लंबी दूरी की प्रमुख धाविकाओं में अपनी जगह बना चुकी हैं।
उनके सीनियर करियर में 10 हजार मीटर और पांच हजार मीटर मुख्य स्पर्धाएं रही हैं। भारत को चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक दिलाने में अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करने वाली विथ्या रामराज भी देश की प्रमुख 400 मीटर धाविकाओं और 400 मीटर बाधा दौड़ की खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने रिले टीम में भी महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।
तमिलनाडु की रहने वाली विथ्या 400 मीटर बाधा दौड़ में अपनी व्यक्तिगत क्षमता के साथ चार गुणा 400 मीटर रिले का महत्वपूर्ण अनुभव भी रखती हैं। उन्होंने 2023 एशियाई खेलों में 400 मीटर बाधा दौड़ में 55.42 सेकेंड के समय के साथ भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। वह ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और पेरिस 2024 में चार गुणा 400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थीं।
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