राज्य सरकार के ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत डीग जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार को डीग शहर में अस्पतालों के आसपास संचालित होटल, रेस्टोरेंट, किराना दुकानों और खोमचों का निरीक्षण किया गया। टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए कुल 6 नमूने लिए, जिन्हें जांच के लिए भरतपुर की जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। मावा, तेल से लेकर बेसन और बिस्कुट के सैंपल खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सैनी खजला भंडार से मावा का एक नमूना लिया। वहीं बाबा खजला से रिफाइंड सोयाबीन तेल और गुप्ता किराना स्टोर से पोहा का नमूना लिया गया। इसी तरह प्यारे लाल भगवत प्रसाद फर्म से बेसन और बिस्कुट के दो नमूने लिए गए, जबकि नेमी कचौड़ी वाले से रिफाइंड सोयाबीन तेल का एक नमूना लिया गया। लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई सभी नमूनों को जांच के लिए भरतपुर की जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद यह जांचा जाएगा कि खाद्य पदार्थ निर्धारित खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। किसी भी नमूने में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य पदार्थ खुले में नहीं रखने की हिदायत निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों को खुला नहीं रखने और ढककर रखने के लिए पाबंद किया, ताकि खाद्य सामग्री मक्खियों, कीड़ों और अन्य बाहरी प्रदूषकों के संपर्क में आने से बची रहे। व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों की अनिवार्य रूप से पालना करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की बिक्री में लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण अविचल चतुर्वेदी, जिला कलेक्टर मयंक मनीष एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंघल के निर्देशन में की गई। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेन्द्र सिंह, अमित कुमार और चन्द्रभान रजाना मौजूद रहे।

