मोतिहारी के सुगौली प्रखंड में विद्यालय रसोइया कल्याण संघ के सदस्यों ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया। रसोइयों ने स्कूलों में एनजीओ के जरिए भोजन की सप्लाई किए जाने का विरोध करते हुए पहले की तरह स्थानीय रसोइयों से खाना बनवाने की व्यवस्था बहाल करने की मांग की। बीडीओ के जरिए मुख्यमंत्री को सौंपा मांग पत्र प्रदर्शन के बाद संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा। इसमें एनजीओ के जरिए भोजन की सप्लाई बंद करने और स्कूल परिसर में स्थानीय रसोइयों से भोजन तैयार कराने की व्यवस्था फिर से शुरू करने की मांग की गई। रसोइयों का दावा-स्कूल में बनेगा तो ताजा मिलेगा खाना संघ के सदस्यों ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मिड-डे मील तैयार करने का काम लंबे समय से स्थानीय रसोइया करते रहे हैं। स्कूल में ही भोजन बनने से बच्चों को ताजा खाना मिलता है और इसकी गुणवत्ता पर भी निगरानी आसान रहती है। एनजीओ के भोजन की ताजगी पर उठाए सवाल प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एनजीओ के माध्यम से मिलने वाला भोजन कई बार ताजा नहीं होता। इससे बच्चों की सेहत पर असर पड़ने की आशंका रहती है। रसोइयों का कहना है कि स्कूल परिसर में भोजन बनने से बच्चों को गर्म और पौष्टिक खाना उपलब्ध कराया जा सकता है। रोजगार खत्म होने का भी आरोप रसोइयों ने कहा कि एनजीओ से भोजन की सप्लाई शुरू होने के बाद स्थानीय रसोइयों के सामने रोजगार और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। संघ ने मुख्यमंत्री से स्थानीय रसोइयों को फिर से स्कूलों में खाना बनाने की जिम्मेदारी देने की मांग की। प्रदर्शन में भोला साह, रेणु देवी, कविता देवी, जरीना खातून, देवंती देवी, लीला देवी, राज कुमार, रीना देवी, सुनीता देवी, धनराज पटेल, शबरुन नेशा और लालबाबू राम समेत कई रसोइया व संघ के सदस्य शामिल रहे। मोतिहारी के सुगौली प्रखंड में विद्यालय रसोइया कल्याण संघ के सदस्यों ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया। रसोइयों ने स्कूलों में एनजीओ के जरिए भोजन की सप्लाई किए जाने का विरोध करते हुए पहले की तरह स्थानीय रसोइयों से खाना बनवाने की व्यवस्था बहाल करने की मांग की। बीडीओ के जरिए मुख्यमंत्री को सौंपा मांग पत्र प्रदर्शन के बाद संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा। इसमें एनजीओ के जरिए भोजन की सप्लाई बंद करने और स्कूल परिसर में स्थानीय रसोइयों से भोजन तैयार कराने की व्यवस्था फिर से शुरू करने की मांग की गई। रसोइयों का दावा-स्कूल में बनेगा तो ताजा मिलेगा खाना संघ के सदस्यों ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मिड-डे मील तैयार करने का काम लंबे समय से स्थानीय रसोइया करते रहे हैं। स्कूल में ही भोजन बनने से बच्चों को ताजा खाना मिलता है और इसकी गुणवत्ता पर भी निगरानी आसान रहती है। एनजीओ के भोजन की ताजगी पर उठाए सवाल प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एनजीओ के माध्यम से मिलने वाला भोजन कई बार ताजा नहीं होता। इससे बच्चों की सेहत पर असर पड़ने की आशंका रहती है। रसोइयों का कहना है कि स्कूल परिसर में भोजन बनने से बच्चों को गर्म और पौष्टिक खाना उपलब्ध कराया जा सकता है। रोजगार खत्म होने का भी आरोप रसोइयों ने कहा कि एनजीओ से भोजन की सप्लाई शुरू होने के बाद स्थानीय रसोइयों के सामने रोजगार और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। संघ ने मुख्यमंत्री से स्थानीय रसोइयों को फिर से स्कूलों में खाना बनाने की जिम्मेदारी देने की मांग की। प्रदर्शन में भोला साह, रेणु देवी, कविता देवी, जरीना खातून, देवंती देवी, लीला देवी, राज कुमार, रीना देवी, सुनीता देवी, धनराज पटेल, शबरुन नेशा और लालबाबू राम समेत कई रसोइया व संघ के सदस्य शामिल रहे।

