शेखपुरा जिले के लोदीपुर गांव में गुरुवार को बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन और महिला समाज की संयुक्त बैठक हुई। तेज बारिश के बावजूद सीता देवी की अध्यक्षता में यह बैठक आयोजित की गई। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग की गई। भाकपा जिला सचिव प्रभात कुमार पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 1995 में ही कहा था कि सभी चुनाव आयुक्तों के अधिकार समान होते हैं, ताकि कोई भी फैसला बहुमत या सबकी सहमति से हो। ”लोकतंत्र और देश के लिए पूरी तरह खतरनाक चुनाव आयोग” पांडेय ने आरोप लगाया कि दो चुनाव आयुक्तों ने खुलासा किया है कि उनके कई सुझावों को मुख्य चुनाव आयुक्त ने अनदेखा कर मनमाने फैसले लिए। उन्होंने आगे कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में चुनाव आयोग ने मनमाने तरीके से नाम काटे, जिससे भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचा। पांडेय के मुताबिक, यह चुनाव आयोग अब लोकतंत्र और देश के लिए पूरी तरह खतरनाक साबित हो गया है और बीजेपी का चुनावी विंग बनकर रह गया है। हमारी पार्टी भारतीय लोकतंत्र की सुरक्षा को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग करती है। किसानों से बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने का आरोप सीपीआई के वरिष्ठ नेता चंद्र भूषण प्रसाद ने कहा कि सरकार ने सभी भूमिहीन परिवारों को पांच-पांच डिसमिल जमीन देने का वादा किया था, जो अभी तक गरीबों को नहीं मिल पाई है। उन्होंने प्रखंड और अंचल कार्यालयों में चल रही जन कल्याणकारी योजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना में फैले भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठाए। प्रसाद ने बताया कि जमीन के दाखिल खारिज, रिकॉर्ड सुधार और जमीन की नाप में किसानों से बड़े पैमाने पर रिश्वत ली जा रही है। इन सभी मुद्दों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ भगत सिंह के जन्मदिन पर 28 सितंबर को पटना में बिहार विधानसभा का घेराव किया जाएगा। चंद्र भूषण प्रसाद ने लोगों से इस घेराव में ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। बैठक को सीपीआई के वरिष्ठ नेता और किसान सभा के महासचिव ललित शर्मा ने भी संबोधित किया। शेखपुरा जिले के लोदीपुर गांव में गुरुवार को बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन और महिला समाज की संयुक्त बैठक हुई। तेज बारिश के बावजूद सीता देवी की अध्यक्षता में यह बैठक आयोजित की गई। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग की गई। भाकपा जिला सचिव प्रभात कुमार पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 1995 में ही कहा था कि सभी चुनाव आयुक्तों के अधिकार समान होते हैं, ताकि कोई भी फैसला बहुमत या सबकी सहमति से हो। ”लोकतंत्र और देश के लिए पूरी तरह खतरनाक चुनाव आयोग” पांडेय ने आरोप लगाया कि दो चुनाव आयुक्तों ने खुलासा किया है कि उनके कई सुझावों को मुख्य चुनाव आयुक्त ने अनदेखा कर मनमाने फैसले लिए। उन्होंने आगे कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में चुनाव आयोग ने मनमाने तरीके से नाम काटे, जिससे भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचा। पांडेय के मुताबिक, यह चुनाव आयोग अब लोकतंत्र और देश के लिए पूरी तरह खतरनाक साबित हो गया है और बीजेपी का चुनावी विंग बनकर रह गया है। हमारी पार्टी भारतीय लोकतंत्र की सुरक्षा को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग करती है। किसानों से बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने का आरोप सीपीआई के वरिष्ठ नेता चंद्र भूषण प्रसाद ने कहा कि सरकार ने सभी भूमिहीन परिवारों को पांच-पांच डिसमिल जमीन देने का वादा किया था, जो अभी तक गरीबों को नहीं मिल पाई है। उन्होंने प्रखंड और अंचल कार्यालयों में चल रही जन कल्याणकारी योजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना में फैले भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठाए। प्रसाद ने बताया कि जमीन के दाखिल खारिज, रिकॉर्ड सुधार और जमीन की नाप में किसानों से बड़े पैमाने पर रिश्वत ली जा रही है। इन सभी मुद्दों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ भगत सिंह के जन्मदिन पर 28 सितंबर को पटना में बिहार विधानसभा का घेराव किया जाएगा। चंद्र भूषण प्रसाद ने लोगों से इस घेराव में ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। बैठक को सीपीआई के वरिष्ठ नेता और किसान सभा के महासचिव ललित शर्मा ने भी संबोधित किया।

