गोवा में वोटर लिस्ट से नाम कटने की प्रक्रिया को पलटा नहीं जा सका क्योंकि… विरोध के बीच EC ने फॉर्म 7 का हवाला दिया

गोवा में वोटर लिस्ट से नाम कटने की प्रक्रिया को पलटा नहीं जा सका क्योंकि… विरोध के बीच EC ने फॉर्म 7 का हवाला दिया

चुनाव आयोग ने बताया है कि ECINet सिस्टम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिससे इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) वोटर का नाम हटाने के लिए ‘फॉर्म 7’ पर क्लिक करने के बाद उस कार्रवाई को वापस ले सकें। यह स्पष्टीकरण तब आया है जब गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने इस सुविधा को चालू करने के लिए बार-बार अनुरोध किया था। दरअसल, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान 97 वोटरों को लॉजिकल विसंगतियों के कारण चिह्नित किया गया था, लेकिन बाद में वे अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाने के योग्य पाए गए। SIR प्रोसेस के दौरान, गोवा में कई वोटर्स को सिस्टम ने लॉजिकल गड़बड़ियों के लिए चिह्नित किया था। ये गड़बड़ियाँ तब सामने आईं जब वोटर्स को पिछली SIR लिस्ट में उनके माता-पिता या दादा-दादी से जोड़ा जा रहा था। ऐसी गड़बड़ियों के कारण चिह्नित किए गए वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे।

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29 जनवरी के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, गोवा में लॉजिकल गड़बड़ियों के लिए चिह्नित वोटर्स को दस्तावेज़ या आपत्तियाँ जमा करने और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (EROs) के सामने अपनी बात रखने का मौका दिया गया। जो लोग सामने आए, उनमें से 649 वोटर्स ने दस्तावेज़ या आपत्तियाँ जमा कीं और EROs/AEROs ने उनमें से 97 को फ़ाइनल वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए योग्य पाया। गोवा में, 649 वोटर दस्तावेज़ या आपत्तियां लेकर सामने आए। ERO और असिस्टेंट ERO ने उनके मामलों की जांच की और 97 मामलों में अधिकारियों ने यह नतीजा निकाला कि वोटर फ़ाइनल वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए योग्य हो गए हैं और उन्हें हटाने के पहले के फ़ैसलों को पलटना होगा। हालांकि, ECINet सिस्टम में ऐसी कोई सुविधा नहीं थी जिससे EROs उन पुराने फैसलों को बदल सकें।

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द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच के अनुसार, गोवा के मुख्य चुनाव अधिकारी के ऑफिस ने 11 से 17 फरवरी के बीच दिल्ली में ECI के सीनियर अधिकारियों को आठ ईमेल और रिक्वेस्ट भेजे थे। इनमें रोलबैक सुविधा की मांग की गई थी ताकि फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश होने से पहले EROs के फैसलों पर अमल किया जा सके। यह सुविधा समय पर चालू नहीं की गई, और जिन 97 वोटर्स को शामिल करने के लिए योग्य पाया गया था, उन्हें 21 फरवरी को पब्लिश हुई फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। चुनाव आयोग ने कहा कि ERO.net, EROs को नोटिस जारी होने पर नाम जोड़ने या हटाने का अधिकार देता है। अगर कोई ERO किसी व्यक्ति को अयोग्य पाता है, तो अधिकारी को नाम हटाने के लिए ‘फॉर्म 7’ पर क्लिक करना होता है। हालांकि, एक बार जब ERO नाम हटाने के लिए ‘फॉर्म 7’ पर क्लिक कर देता है, तो उसे वापस पलटने (रोलबैक) का कोई प्रावधान नहीं होता है।

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