जयपुर। नीट-यूजी 2026 के बाद राजस्थान में एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया में एनआरआइ पात्रता और दस्तावेज सत्यापन को लेकर सवाल उठे हैं। राज्य में एनआरआइ कोटे की करीब 468 सीटें हैं। अब तक काउंसलिंग में 204 सीटें आवंटित की जा चुकी है। इनमें राजस्थान के 50 और दूसरे राज्यों के 154 अभ्यर्थी है। सूची में 561 अंक वाले राजस्थान के अभ्यर्थी के बजाय 213 अंक वाले दूसरे राज्य के अभ्यर्थी को सीट आवंटित होने का मामला चर्चा का विषय है।
हालांकि एनआरआइ सीट सामान्य राज्य मेरिट के आधार पर आवंटित नहीं होती, इसलिए कम अंक अपने आप में अपात्रता का आधार नहीं है। सवाल यह है कि 213 अंक वाले अभ्यर्थी की एनआरआइ पात्रता किन दस्तावेज के आधार पर स्वीकार की गई और क्या सभी अभ्यर्थियों के लिए समान प्रक्रिया अपनाई गई।
प्रायोजक के दस्तावेज की हो दोबारा जांच
अभिभावकों ने एनआरआइ प्रायोजक के विदेश में निवास, कानूनी दर्जे, अभ्यर्थी से रिश्ते और आय से जुड़े दस्तावेजों की दोबारा जांच की मांग की है। शुल्क भुगतान के स्रोत और प्रायोजक के बैंक विवरण के मिलान की जानकारी भी सामने आए। पात्र एनआरआइ उपलब्ध नहीं होने पर खाली सीट के रूपांतरण की प्रक्रिया भी स्पष्ट की जाए। अभिभावकों का कहना है कि एनआरआइ सीट आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
85% राज्य कोटे को लेकर भी भ्रम
15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटे के बाद बची प्रत्येक सीट केवल राजस्थान के मूल निवासियों के लिए होने की धारणा पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं करती। राज्य की चिकित्सा प्रवेश व्यवस्था में सरकारी, प्रबंधन और एनआरआइ जैसी अलग-अलग श्रेणियां हैं और इनके लिए अलग पात्रता प्रावधान हैं। पहले चरण में कोटा, उदयपुर और अजमेर मेडिकल कॉलेजों में एनआरआइ कोटा लागू है।
इतने अभ्यर्थियों के प्रायोजक कौन?
विशेषज्ञों के अनुसार उन अभ्यर्थियों की स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए, जिन्होंने मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) या किसी दूसरे राज्य की काउंसलिंग में भाग लिया है। केवल एमसीसी में पंजीकरण होना राजस्थान की एनआरआइ काउंसलिंग से पात्रता का आधार नहीं है। अभ्यर्थी को सीट मिली या नहीं, रिपोर्ट किया या नहीं और राजस्थान में कब आवेदन किया, यह जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
स्थानीय स्तर पर करते हैं पुष्टि
आवश्यक दस्तावेज की जांच के लिए बोर्ड गठित किया हुआ है। कुछ रिश्ते निर्धारित किए गए हैं। अभ्यर्थी को उसका ट्री बनाकर देना होता है। स्थानीय स्तर पर सक्षम अधिकारी से इसकी पुष्टि कराई जाती है। अभी तक की काउंसलिंग में 204 में से 154 उम्मीदवार राजस्थान से बाहर के हैं।
-डॉ. बी.एल. कुमावत, चेयरमैन, नीट-यूजी काउंसलिंग बोर्ड

