भोपाल के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि मामलों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) जोन-4 के सब इंजीनियर हर्षदीप सोनी बने आज के “स्टार ऑफिसर” राजाभोज सेतु पर सड़क में बने गड्ढे को लेकर रूप अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा कि सेतु पर यह गड्ढा सीवेज के मेनहोल की तरह दिखाई देता है। यहां से गुजरने वाले वाहन अनियंत्रित होकर तेज ब्रेक लगाते हैं, जिससे पीछे चल रहे वाहनों के चालक आपस में टकराकर गिर जाते हैं। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद जोन-4 के सब इंजीनियर हर्षदीप सोनी ने मामले पर संज्ञान लिया और गड्ढे पर पैचवर्क करवाकर समस्या का समाधान कराया। एप से मिल रहा लोगों को समाधान इंद्रपुरी: एक महीने से बंद स्ट्रीट लाइट हुई चालू इंद्रपुरी निवासी वीरेंद्र कुमार खरे ने घर के सामने पिछले एक महीने से बंद स्ट्रीट लाइट को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा कि स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात के समय इलाके में अंधेरा रहता था। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद वार्ड 66 के पार्षद जीत राजपूत ने मामले पर संज्ञान लिया और संबंधित टीम के माध्यम से स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त कराया। खुले सीवेज चेंबर, जलभराव और कचरे की समस्याओं से परेशान भोपालवासी न्यू आनंद विहार: तीन महीने से खुले सीवेज चेंबर, हादसे का खतरा न्यू आनंद विहार कॉलोनी, गोरा गांव निवासी विशाल क्षेत्री ने खुले सीवेज चेंबर को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी में करीब तीन महीने से सीवेज चेंबर खुले पड़े हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। कॉलोनी में कम से कम 10 चेंबर खुले होने के कारण हादसे का खतरा बना हुआ है। बैरागढ़ चीचली: कॉलोनी के आसपास भरा सीवेज का पानी, आवाजाही में परेशानी बैरागढ़ चीचली निवासी अंकुश अग्रवाल ने अंसल ग्रीन कॉलोनी के आसपास भरे सीवेज के पानी को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि कॉलोनी के आसपास सीवेज भरा हुआ है। चौक और रास्ते पर पानी जमा होने के कारण पूरा सीवेज अंसल ग्रीन की ओर आ रहा है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। करोंद: सब्जी मंडी के अंदर कचरे का ढेर, बदबू से परेशानी शिकायतकर्ता संजय ने करोंद स्थित सब्जी मंडी के अंदर कचरा जमा होने की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि थोक टमाटर दुकान के दोनों तरफ कचरे का ढेर लगा हुआ है। कचरा अधिक होने के कारण सड़क तक फैल गया है। इससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हो रही है और आसपास तेज बदबू फैल रही है। पिपलानी: पेट्रोल पंप के पास पाइपलाइन का पानी सड़क पर बह रहा पिपलानी पेट्रोल पंप क्षेत्र निवासी अनुपम दीक्षित और अनिल चावला ने सड़क पर पानी और मलबा जमा होने की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि पाइपलाइन टूटने से पानी और मलबा एचआईजी-34 और 35 के सामने जमा हो जाता है। बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ की स्थिति बन जाती है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।

