झालावाड़। नगरीय निकाय चुनाव के बाद अब जिले में गांवों की सरकार के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बुधवार को मिनी सचिवालय में आयोजित आरक्षण लॉटरी के साथ ही पंचायत समिति प्रधान और सदस्य पदों की आरक्षण स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई। आरक्षण के बदलते समीकरणों ने कई संभावित दावेदारों की उम्मीदों को झटका दिया है, वहीं नए चेहरों के लिए चुनावी मैदान खुल गया है।
प्रदेशभर में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के लिए आरक्षण लॉटरी कराई गई। झालावाड़ में भी इस प्रक्रिया के बाद राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों ने नए सिरे से रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
जिला प्रमुख का पद पहले ही महिला के लिए आरक्षित
झालावाड़ जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। जिला प्रमुख पदों का आरक्षण निर्धारण प्रदेश स्तर पर 13 अगस्त को ही किया जा चुका था। ऐसे में जिला प्रमुख पद पर महिला का चुना जाना तय है। अब पंचायत समितियों के प्रधान पदों के आरक्षण ने ग्रामीण राजनीति में महिला दावेदारों की भूमिका को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
चार पंचायत समितियों में महिला प्रधान
जिले की 8 पंचायत समितियों में से 4 को अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इनमें डग, बकानी, अकलेरा और भवानीमंडी शामिल हैं। वहीं झालरापाटन और खानपुर पंचायत समितियां अनारक्षित रखी गई हैं। इन दोनों जगहों पर महिला और पुरुष दोनों वर्गों के दावेदार चुनाव मैदान में उतर सकेंगे।
मनोहरथाना पंचायत समिति अनुसूचित जाति, पिड़ावा (सुनेल) अन्य पिछड़ा वर्ग और अकलेरा अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। आरक्षण के बाद संबंधित वर्गों के संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है।
दावेदारों को बदलनी पड़ेगी रणनीति
आरक्षण की घोषणा के साथ ही गांवों में संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई दावेदार लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे थे, लेकिन सीट का आरक्षण बदलने से उन्हें अब अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा। राजनीतिक दलों के सामने भी स्थानीय सामाजिक समीकरणों के अनुरूप मजबूत प्रत्याशियों की तलाश की चुनौती रहेगी।
लॉटरी प्रक्रिया के दौरान मनोहरथाना विधायक गोविन्द रानीपुरिया, डग विधायक कालूराम मेघवाल, पूर्व विधायक खानपुर नरेन्द्र नागर, जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचन्द्र खटिक, भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा और कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह गुर्जर सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
महिलाओं के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित
गुरुवार को सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण लॉटरी होगी। इसके बाद गांव-गांव में चुनावी समीकरण और स्पष्ट हो जाएंगे। बुधवार को हुई आरक्षण लॉटरी में खास बात ये रही कि जिले की 8 पंचायत समितियों में से 4 महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं। जिला प्रमुख पद भी सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है।
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